

Nirmala Sitharaman on America Tariffs: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय उत्पादों पर 25 प्रतिशत बेसलाइन टैरिफ के बाद एक्स्ट्रा 25% टैरिफ लागू कर चुके हैं। ट्रंप के इस फैसले के बाद से अमेरिकी बाजार में जाने वाले भारत के उत्पादों पर अब 50 प्रतिशत का भारती टैरिफ लग रहा है। ऐसे में देश के उद्योगों के सामने कई तरह की गंभीर चुनौतियां पैदा हो गई है। हालांकि, इस समस्या से निपटने के लिए सरकार कई लेवल पर रणनीति बना रही है।
इसी कड़ी में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज गुरुवार को निर्यातकों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और भरोसा दिलाया कि सरकार इस मुश्किल समय में उनके साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि निर्यातकों की चिंताओं को दूर करना सरकार की प्राथमिकता है।
भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ (FIEO) के अध्यक्ष एस.सी. रल्हन के लीडरशिप में आए प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री से अमेरिकी टैरिफ में अचानक हुई बढ़ोतरी से जुड़ी चुनौतियों पर बातचीत की। रल्हन ने बताया कि हाई टैरिफ से बाजार तक पहुंच, प्रतिस्पर्धा क्षमता और रोजगार सृजन पर सीधा असर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से जल्द योजनाबद्ध नीतिगत कदम उठाने की मांग की।
फियो ने एक बयान जारी करते हुए काह कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आश्वस्त किया है कि सरकार निर्यातकों की सभी समस्याओं को हल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार निर्यातक समुदाय के हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगी। वहीं, केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने उद्योग जगत से अपील की कि वे वैश्विक चुनौतियों के बावजूद कर्मचारियों की नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार वृद्धि की रफ्तार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भारत की स्थिरता बनाए रखने के लिए निर्यातकों को विस्तृत समर्थन देगी।
बता दें कि बुधवार, 27 अगस्त से लागू हुए इस अमेरिकी शुल्क का सबसे अधिक असर झींगा, टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी, लेदर और जूते-चप्पल जैसे श्रमिक प्रमुख सेक्टरों पर पड़ने की आशंका है। इन क्षेत्रों में निर्यात और रोजगार सृजन दोनों पर दबाव बढ़ सकता है। अमेरिकी टैरिफ का मुकाबला करने के लिए भारत दुनिया के अन्य देशों में अपने बाजार की तलाश कर रहा है।