HAL Share Price: PM Modi की तारीफ वाला शेयर हुआ रॉकेट, प्रॉफिट में नहीं कर पायी कमाल

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने हाल ही में अपने जून महीने के तिमाही नतीजे जारी किए हैं। इस कंपनी ने जून तिमाही में 1,383.77 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हासिल किया है।
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने हाल ही में अपने जून महीने के तिमाही नतीजे जारी किए हैं। इस कंपनी ने जून तिमाही में 1,383.77 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हासिल किया है। जो पिछली तिमाही से कम हैं।
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड शेयर प्राइस (सौ. सोशल मीडिया )
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HAL Share Price: भारत के डिफेंस सेक्टर की सबसे बड़ी कंपनियों में से हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी आ रही है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड, जो मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस के अंतर्गत आने वाली एक सरकारी कंपनी है, जो देश के लिए फाइटर जेट और हेलीकॉप्टर बनाती है।

इसी कंपनी ने तेजस और ध्रुव जैस जरूरी फाइटर जेट का निर्माण किया है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एचएएल के बनाए हथियारों ने पाकिस्तान के छक्के छुड़ा दिए थे। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस कंपनी की खुलकर तारीफ की है। एचएएल ने हाल ही में अप्रैल से जून महीने वाली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। इन नतीजों के बाद एचएएल के शेयर प्राइस में 3 प्रतिशत का उछाल आया है।

कैसे रहे तिमाही नतीजे ?

अप्रैल से जून महीने की तिमाही में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने 1,383.77 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हासिल किया है। पिछले साल समान तिमाही में ये आंकड़ा 1,437.14 करोड़ रुपये का था। इन नतीजों को देखते हुए एचएएल ने भविष्य को लेकर विश्वास जताया है। इसका कारण कंपनी की बढ़ती कमाई को बताया जा रहा है। जून महीने वाली तिमाही में एचएएल का ऑपरेटिंग इनकम यानी रेवेन्यू 10.8 प्रतिशत तक बढ़कर 4,819.01 करोड़ रुपये हो गया है। इसका कारण बेहतर प्रोजेक्ट डिलीवरी और मजबूत डिमांड को बताया गया है। मार्च 2025 में खत्म होने वाले वित्त वर्ष में एचएएल की टोटल नेटवर्थ 34,985.17 करोड़ थी, जिससे कंपनी की मजबूत स्थिति के बारे में पता चलता है।

Quarterly Profit में आयी गिरावट

जून महीने की तिमाही में एचएएल का नेट प्रॉफिट पिछली तिमाही की तुलना में 65.2 फीसदी नीचे गिरकर 4,347.50 करोड़ रुपये से कम होकर 1,383.77 करोड़ रुपये रह गया है। इस भारी गिरावट के पीछे का कारण मौसमी असर और प्रोजेक्ट डिलीवरी में होने वाली देरी को बताया जा रहा है। हालांकि कंपनी की टोटल इनकम में 9.5 प्रतिशत का उछाल आया है और ये बढ़कर 5,566.10 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। खास बात ये है कि कंपनी का रेवेन्यू यानी इनकम तो बढ़ी है, लेकिन प्रॉफिट में गिरावट आयी है। इसका मुख्य कारण नेट इनकम में आयी तेज गिरावट है। इसके बाद भी कंपनी का कामकाज यानी ऑपरेशनल परफॉर्मेंस इस दौरान और भी ज्यादा मजबूत रहा है।

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