भारत की पहली बुलेट ट्रेन, (सोर्स- सोशल मीडिया) 
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Bullet Train: कब से शुरू होगी देश की पहली बुलेट ट्रेन? सामने आ गई फाइनल तारीख; जल्द कर सकेंगे यात्रा

Bullet Train in India: पहली बुलेट ट्रेन कई आधुनिक सुविधाओं और टेक्नोलॉजी के साथ यात्रियों को कम समय में यात्रा पूरा करने का अवसर देगी। इस ट्रेन की स्पीड 250-280 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने वाला है।

मनोज आर्या

First Bullet Train Of India: देश में पहली बुलेट ट्रेन को लेकर एक बड़ी अपडेट सामने आई है। दरअसल, 15 अगस्त 2027 से चरणबद्ध तरीके से देश में बुलेट ट्रेन की सेवा शुरू हो जाएगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने खुद इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के पहले फेज में सूरत-बिलिमोरा के बीच ट्रेन चलाई जाएगी। इसके बाद दूसरे सेक्शन फेज शुरू होंगे। हैदराबाद के लिए 3 हाई स्पीड कॉरिडोर प्रस्तावित हैं।

गौरतलब है कि भारतीय रेलवे, भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML ) के साथ मिलकर स्वदेशी बुलेट ट्रेन बना रहा है। बाहर से आने वाले सिस्टम के उलट, यह ट्रेन भारत में डिजाइन की गई है और देश में ही बनाई जा रही है। सबसे खास बात यह है कि भारतीय मौसम और इलाके के हिसाब से इस ट्रेन को विकसित किया जा रहा है। दुनिया भर की दूसरी ट्रेनों के मुकाबले ज्यादा किफायती होगी। यह कदम सरकार के बड़े मेक इन इंडिया प्रोग्राम से जुड़ा है, जिससे विदेशी टेक्नोलॉजी पर निर्भरता कम होगी और घरेलू क्षमता बढ़ेगी।

भारतीय बुलेट ट्रेन में क्या खास?

भारत में बनाई जा रही देश की पहली बुलेट ट्रेन कई आधुनिक सुविधाओं और टेक्नोलॉजी के साथ यात्रियों को कम समय में यात्रा पूरा करने का अवसर देगी। इस ट्रेन की स्पीड 250-280 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने वाला है। इसके अलावा स्टेबिलिटी के लिए एडवांस्ड एयरोडायनामिक्स की सुविधा होगी। भारतीय रेलवे के अनुसार, यह ग्लोबल हाई-स्पीड ट्रेनों जैसी मॉडर्न पैसेंजर सुविधाएं शामिल होंगी। वहीं, एनर्जी एफिशिएंसी और सेफ्टी के लिए भी ऑप्टिमाइज्ड होगी। जापान की शिंकानसेन (जो 300 km/h से ज्यादा की स्पीड पकड़ सकती है) से थोड़ी धीमी होने के बावजूद, यहां फोकस प्रैक्टिकल स्पीड और कॉस्ट एफिशिएंसी पर है, यह मॉडल भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ज्यादा सही है।

कहां-कहां चलेगी बुलेट ट्रेन?

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, देश की पहली बुलेट ट्रेन मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के पहले फेज में सूरत-बिलिमोरा के बीच सेवाएं शुरू की जाएगी। उम्मीद है कि यह स्वदेशी ट्रेन मौजूदा और आने वाले हाई-स्पीड कॉरिडोर को पूरा करेगी, खासकर मुंबई-अहमदाबाद रूट पर, इसके बाद पूरे भारत में भविष्य के काफई तेजी से कॉरिडोर प्लान किए जा रहे हैं। मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (MAHSR) प्रोजेक्ट खुद आगे बढ़ रहा है, और खास तौर पर गुजरात में पहले से ही बड़े कंस्ट्रक्शन चल रहे हैं।

बुलेट ट्रेन और वंदे भारत में क्या अंतर?

भारत में पहले से ही वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनें हैं, जो 180 km/h तक की स्पीड से चलती हैं। हालांकि, असली बुलेट ट्रेनों में वंदे भारत के मुकाबले कई अन्य खास विशेषताएं हैं।

  • खास हाई-स्पीड ट्रैक पर चलती हैं
  • काफी ज्यादा स्पीड हासिल करती हैं
  • ज्यादा एडवांस्ड सेफ्टी और सिग्नलिंग सिस्टम का इस्तेमाल करती हैं
  • वंदे भारत = फास्ट ट्रेन
  • बुलेट ट्रेन = हाई-स्पीड रेल इकोसिस्टम

भारत का स्वदेशी हाई-स्पीड रेल में आना सिर्फ तेज यात्रा से कहीं ज्यादा है। यह भारत की टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भरता, इंफ्रास्ट्रक्चर का मॉडर्नाइजेशन, बड़े इकोनॉमिक हब के बीच यात्रा का समय कम होना को दर्शाता है। यह भारत को ग्लोबल हाई-स्पीड रेल लैंडस्केप में जापान, चीन और फ्रांस जैसे देशों के बराबर भी रखता है। 2027 का रोलआउट सिर्फ एक ट्रेन के बारे में नहीं है, यह भारतीय इंजीनियरिंग में भरोसे के बारे में है।

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