मुंबई मेयर की गाड़ी से हटाई गई लाल-नीली फ्लैशिंग लाइट, विवाद के बाद बीएमसी की कार्रवाई

Ritu Tawde Official Car Issue: मुंबई की मेयर रितु तावड़े की आधिकारिक गाड़ी पर लगी लाल-नीली फ्लैशिंग लाइट को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा हो गया। BMC ने कार्रवाई करते हुए वाहन से तुरंत लाइटें हटवायी।
Ritu Tawde
रितु तावड़े (सौ. सोशल मीडिया )
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Mumbai Mayor Flashing Light Controversy: मुंबई की महापौर रितु तावड़े की आधिकारिक गाड़ी पर लगी लाल-नीली फ्लैशिंग लाइट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।

सोशल मीडिया पर इस मुद्दे की चर्चा तेज होने और आरटीआई कार्यकर्ता की ओर से आपत्ति जताए जाने के बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मेयर की कार से यह लाइटें हटा दीं।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें

जानकारी के अनुसार महापौर की आधिकारिक कार और उनके एस्कॉर्ट वाहन पर लाल और नीले रंग की फ्लैशिंग लाइट लगी हुई थी। इन लाइटों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए। इसके बाद कई लोगों ने सवाल उठाया कि क्या मेयर के वाहन को इस तरह की फ्लैशिंग लाइट लगाने की अनुमति है या नहीं।

बीएमसी ने तुरंत उठाया कदम

विवाद बढ़ने के बाद बीएमसी प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए मेयर के वाहन से फ्लैशिंग लाइट हटवा दी। प्रशासन का कहना है कि नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए यह कार्रवाई की गई है।

लोगों ने बताया सकारात्मक कदम

बीएमसी के इस फैसले को कई लोगों ने सकारात्मक कदम बताया है। उनका कहना है कि नियम सभी के लिए समान होने चाहिए और किसी भी सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्ति को विशेष छूट नहीं मिलनी चाहिए। इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा शुरू हो गई है, जहां वीआईपी सुविधाओं और सार्वजनिक पदों से जुड़ी परंपराओं पर बहस छिड़ गई है।

सीएम फडणवीस ने दी सफाई

इस मामले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि गाड़ी पर पारंपरिक लाल बत्ती नहीं थी, बल्कि बोनट के पास फ्लैशिंग लाइट लगाई गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसमें महापौर की कोई गलती नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लाल बत्ती के उपयोग पर पहले ही प्रतिबंध लगाया जा चुका है और इसका पालन सभी को करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि महापौर को इस बारे में जानकारी है और उन्हें बेवजह निशाना बनाना उचित नहीं है।

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