
केंद्रीय बजट 2026 (सोर्स-सोशल मीडिया)
Chip manufacturing incentives India 2026 budget: केंद्रीय बजट 2026 में भारत को दुनिया का प्रमुख सेमीकंडक्टर केंद्र बनाने के लिए ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ (ISM 2.0) का बिगुल फूंक सकता है। सरकार इस मिशन के लिए ₹1.76 लाख करोड़ ($20 बिलियन) का भारी-भरकम बजट आवंटित कर सकती है, जो पिछले चरण के मुकाबले दोगुने से भी अधिक है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य न केवल चिप फैब्रिकेशन को बढ़ावा देना है, बल्कि डिस्प्ले फैब, उन्नत पैकेजिंग और विशेष रसायनों के क्षेत्र में भी आत्मनिर्भरता हासिल करना है। वित्त मंत्री ने स्टार्टअप्स और MSMEs के लिए डिज़ाइन लिंक्ड इंसेंटिव (DLI) में भी 233% की बड़ी वृद्धि की घोषणा की है, जिससे देश के युवा इंजीनियरों को नए अवसर मिलेंगे।
बजट 2026 में घोषित होने वाले ISM 2.0 का लक्ष्य भारत की 90% आयात निर्भरता को कम करना और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एक विश्वसनीय विकल्प के रूप में उभरना है। सरकार सिलिकॉन वेफर फैब्स के साथ-साथ कंपाउंड सेमीकंडक्टर और सेंसर निर्माण के लिए वित्तीय सहायता को सरल बना सकती है। इस योजना के तहत पात्र परियोजनाओं को कुल परियोजना लागत का 50% तक सरकारी प्रोत्साहन (Fiscal Support) देने का प्रावधान जारी किया जा सकता है।
नए बजट में फैब्रिकेशन यूनिट्स के साथ-साथ ‘एडवांस्ड पैकेजिंग’ और OSAT सुविधाओं के लिए अतिरिक्त कर छूट और पूंजीगत व्यय (Capex) प्रोत्साहन दिए जा सकते हैं। सरकार सेमीकंडक्टर मशीनरी और महत्वपूर्ण कच्चे माल के आयात पर सीमा शुल्क (Customs Duty) में कटौती कर सकती है ताकि निर्माण लागत में कमी आए। इसके अलावा, शोध और विकास (R&D) के लिए समर्पित टैक्स क्रेडिट का भी विस्तार किया गया है।
डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव (DLI) योजना के लिए फंड को ₹1,500 करोड़ से बढ़ाकर ₹5,000 करोड़ कर दिया जा सकता है, जो चिप डिजाइनिंग क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति लाएगा। अब भारतीय स्टार्टअप्स को जटिल चिपसेट और ‘सिस्टम ऑन चिप्स’ (SoC) विकसित करने के लिए ₹30 करोड़ तक का प्रोत्साहन मिल सकेगा। ‘चिप-इन’ (ChipIN) केंद्रों के माध्यम से एक लाख से अधिक छात्रों को दुनिया के बेहतरीन डिजाइन टूल्स तक मुफ्त पहुंच मिलेगी।
बजट में सेमीकंडक्टर क्लस्टर विकसित करने के लिए विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZs) में बिजली और रसद (Logistics) सब्सिडी देने का प्रस्ताव रखा जा सकता है। उत्तर प्रदेश, गुजरात और असम जैसे राज्यों में निर्माणाधीन 10 प्रमुख परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए अतिरिक्त बजटीय सहायता दी जा सकती है। सरकार का लक्ष्य है कि 2026 के अंत तक ‘मेड इन इंडिया’ चिप्स का बड़े पैमाने पर व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो जाए।
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सेमीकंडक्टर उद्योग की मांग को पूरा करने के लिए सरकार ने 2030 तक 10 लाख कुशल इंजीनियर तैयार करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इसके लिए शैक्षणिक संस्थानों को उद्योग जगत के साथ मिलकर काम करने के लिए विशेष ग्रांट दी जाएगी। भारत ने अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया के साथ रणनीतिक साझेदारी को भी मजबूत किया है ताकि तकनीक का सुचारू हस्तांतरण सुनिश्चित हो सके।






