Budget 2026 से पहले याद आया 1973 का ‘ब्लैक बजट’, जब आर्थिक संकट और भुखमरी से जूझ रहा था देश
Union Budget 2026: साल 1973 का ‘ब्लैक बजट’ भारत की अर्थव्यवस्था को हिला गया। भारी राजकोषीय घाटा, युद्ध, सूखा और भुखमरी ने सरकार को कठिन फैसले लेने पर मजबूर किया।
- Written By: अक्षय साहू
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंतराव बी. चव्हाण (सोर्स- सोशल मीडिया)
Black Budget of India: भारत के बजट इतिहास में साल 1973 का बजट हमेशा चर्चा में रहता है। इसे ‘ब्लैक बजट’ कहा गया क्योंकि इसने देश की आर्थिक स्थिति को हिला दिया था। भारी घाटा, युद्ध का बोझ, सूखा और भुखमरी इन सब वजहों से यह बजट ऐतिहासिक रूप से काले दौर का प्रतीक बन गया।
आज जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश करेंगी। यह उनका लगातार 9वां बजट होगा, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। हर बजट में देश की अर्थव्यवस्था, नई योजनाओं और भविष्य की दिशा का संकेत मिलता है।
ब्लैक बजट क्या था?
साल 1973 में पेश किया गया यह बजट तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के समय वित्त मंत्री यशवंतराव बी. चव्हाण ने पेश किया था। इस बजट में सरकार को लगभग 550 करोड़ रुपये का भारी घाटा हुआ। उस समय यह रकम बेहद बड़ी थी। इस भारी घाटे को राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) कहा जाता है।
सम्बंधित ख़बरें
West Bengal Budget: पश्चिम बंगाल में BJP सरकार का पहला ऐतिहासिक बजट, DA में 20% की शानदार बढ़ोतरी
बंगाल में BJP सरकार का पहला बजट आज! वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता के पिटारे पर टिकीं सबकी नजरें
पुणे मनपा का बड़ा खेल, नाला सफाई के नाम पर 6 साल में फूंक दिए 164 करोड़, फिर भी पहली ही बारिश में डूबा शहर
Pakistan Period Tax: पाकिस्तान सरकार का बड़ा फैसला, सैनिटरी पैड्स और गर्भनिरोधक पर टैक्स हुआ खत्म
राजकोषीय घाटा क्या होता है?
जब सरकार की आमदनी कम और खर्च ज्यादा हो जाता है, तो जो अंतर बचता है, उसे राजकोषीय घाटा कहते हैं। अधिक घाटा होने पर सरकार को देश चलाने के लिए कर्ज लेना पड़ता है, जिससे आर्थिक संकट बढ़ता है।
देश की आर्थिक हालत क्यों बिगड़ी थी?
1973 में भारत कई मुश्किल दौर से गुजर रहा था, जिसमें पाकिस्तान के साथ युद्ध के बाद भारी खर्च, लगभग 1 करोड़ शरणार्थियों की देखभाल, रक्षा बजट बढ़कर 1600 करोड़ रुपये, सूखा और फसलों की बर्बादी और गांवों में खाने की कमी जैसी बड़ी समस्याएं थी।
सरकार ने क्या कदम उठाए?
आर्थिक हालात सुधारने के लिए सरकार ने कई बड़े फैसले लिए-
- कोयला खदानों, बीमा कंपनियों और तांबे की कंपनियों का राष्ट्रीयकरण (लगभग 56 करोड़ रुपये खर्च)
- सूखा राहत के लिए 220 करोड़ रुपये
- विदेशों से 20 लाख टन अनाज मंगाना और इसके लिए 160 करोड़ रुपये खर्च
यह भी पढ़ें: मोदी कैबिनेट ने बजट 2026-27 को दी मंजूरी, थोड़ी देर में बजट पेश करेंगी निर्मला सीतारमण
नजर Budget 2026 पर
आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी। यह उनका 9वां लगातार बजट है। बजट सुबह 11 बजे पेश होगा। देश की उम्मीद है कि बजट 2026 विकास, रोजगार और महंगाई में राहत देने वाला होगा।
