Budget 2026: भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की तैयारी, बजट में कई नई पहल
Union Budget 2026-27 में सरकार ने एसएमई, टेक्सटाइल, कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग और खादी-हथकरघा को मजबूत करने के लिए कई अहम प्रस्ताव किए हैं। चैंपियन SMEs के लिए 10 हजार करोड़ का कोष स्थापित किया जाएगा।
- Written By: अपूर्वा नायक
एसएमई सेक्टर (सौ. डिजाइन फोटो )
Budget 2026 Update For SMEs Sector: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अर्थव्यवस्था को नई गति देने के उद्देश्य से ‘चैंपियन’ लघु एवं मझोले उद्यमों (SMEs) के लिए 10,000 करोड़ रुपये का विशेष कोष स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है।
बजट 2026-27 में यह पहल घरेलू उद्योगों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में अहम मानी जा रही है। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कंटेनर विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक नई योजना का भी प्रस्ताव रखा।
इसका उद्देश्य वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भागीदारी को मजबूत करना और आयात पर निर्भरता कम करना है। इससे लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
सम्बंधित ख़बरें
क्या 8वें वेतन आयोग में 283% बढ़ेगी कर्मचारियों की सैलरी? कब से लागू होगा नया पे-स्केल, जानें सबकुछ
Gold-Silver Rate Today: सोने और चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट, जानिए सोने और चांदी का ताजा भाव
Share Market: शेयर बाजार में आज तूफानी तेजी, सेंसेक्स 500 अंक चढ़ा, बाजार को इलेक्शन रिजल्ट से भारी उम्मीद
Gold-Silver Rate Today: भारत में आज सोने-चांदी की कीमतों ने स्थिरता, जानिए ताजा रेट
टेक्सटाइल सेक्टर के लिए मेगा पार्क और नई योजना
सीतारमण ने तकनीकी वस्त्रों के मूल्यवर्धन पर केंद्रित मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने की घोषणा की। इसके साथ ही पांच उप-भागों वाला एक एकीकृत कपड़ा कार्यक्रम भी शुरू किया जाएगा, जिससे टेक्सटाइल इंडस्ट्री में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
खेल सामग्री में ग्लोबल हब बनने की संभावना
बजट में यह भी कहा गया कि भारत में उच्च गुणवत्ता वाली और किफायती खेल सामग्री के वैश्विक केंद्र के रूप में उभरने की पूरी क्षमता है। सरकार इस दिशा में उद्योगों को प्रोत्साहन देने की योजना बना रही है।
खादी-हथकरघा और पुराने औद्योगिक क्लस्टर पर फोकस
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ‘महात्मा गांधी ग्राम स्वराज’ पहल के तहत खादी और हथकरघा क्षेत्र को सशक्त किया जाएगा। इसके अलावा देशभर के 200 पुराने औद्योगिक क्लस्टर को पुनर्जीवित करने की योजना भी प्रस्तावित की गई है।
ये भी पढ़ें :- Budget 2026: अहमदाबाद-मुंबई के बाद हाई स्पीड रेल का विस्तार, मुंबई-पुणे रूट पर खास फोकस
रोजगार और विकास को मिलेगी नई दिशा
विशेषज्ञों का मानना है कि इन पहलों से न केवल उद्योगों को मजबूती मिलेगी, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा और भारत की आर्थिक विकास दर को भी नई गति मिलेगी।
