Budget 2026: बजट में ग्रामीण मजदूरों को ‘बोनस’ या राज्यों की बढ़ेगी टेंशन? जानें ‘VB-G RAM G’ का पूरा गणित
Budget 2026: 'VB-G RAM G' योजना केवल एक नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत को डिजिटल और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकार बजट में इसको लेकर कुछ बड़ा ऐलान कर सकती है।
- Written By: मनोज आर्या
(डिजाइन फोटो- AI)
‘VB-G RAM G’ In Budget 2026: 1 फरवरी 2026 को पेश होने वाले केंद्रीय बजट में ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए सबसे बड़ा बदलाव ‘VB-G RAM G’ (Viksit Bharat–Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission- Gramin) योजना के रूप में सामने आने वाला है। यह महत्वाकांक्षी योजना न केवल मनरेगा का नाम बदलेगी, बल्कि इसके बुनियादी ढांचे और संचालन के तरीके में भी आमूल-चूल परिवर्तन करेगी।
VB-G RAM G योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को केवल ‘श्रम’ देना नहीं, बल्कि उन्हें ‘आजीविका और स्थायी संपत्ति’ से जोड़ना है। इस योजना के तहत 2047 तक ‘विकसित भारत’ के विजन को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
बजट 2026 में क्या होगा खास?
1. रोजगार गारंटी में 25% की वृद्धि: अब तक मनरेगा के तहत साल में कम से कम 100 दिनों के काम की गारंटी मिलती थी। नई योजना में इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। बजट में इस अतिरिक्त कार्यभार के लिए भारी वित्तीय आवंटन की उम्मीद है।
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2. 60:40 का नया फंडिंग फॉर्मूला: योजना का सबसे विवादास्पद और महत्वपूर्ण हिस्सा इसका फंडिंग मॉडल है। जहां पहले केंद्र सरकार अकुशल मजदूरी का 100% खर्च उठाती थी, वहीं अब लागत का 60% केंद्र और 40% राज्य सरकारें वहन करेंगी। पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों के लिए यह अनुपात 90:10 रहेगा। बजट में राज्यों को इस वित्तीय बोझ से निपटने के लिए विशेष अनुदान (Grants) दिए जा सकते हैं।
3. ‘एग्रीकल्चरल पॉज’ (खेती के दौरान काम बंद): इस योजना में साल भर में अधिकतम 60 दिनों का ‘एग्रीकल्चरल पॉज़’ अनिवार्य किया गया है। इसका उद्देश्य बुआई और कटाई के सीजन में किसानों को मजदूरों की कमी से बचाना है। बजट में इस दौरान श्रमिकों के लिए वैकल्पिक आजीविका सहायता के प्रावधान हो सकते हैं।
4. डिजिटल और AI आधारित निगरानी: भ्रष्टाचार रोकने के लिए इस बार बजट में ‘विकसित भारत नेशनल रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर स्टैक’ के लिए अलग फंड आवंटित किया जा सकता है। इसमें AI-आधारित फ्रॉड डिटेक्शन और GPS मॉनिटरिंग जैसी तकनीकों का उपयोग होगा।
चुनौतियां और राज्यों की मांग
तेलंगाना और पंजाब जैसे विपक्षी शासित राज्यों ने पहले ही बजट पूर्व बैठकों (Pre-Budget Meetings) में 60:40 के फॉर्मूले पर आपत्ति जताई है। उनका तर्क है कि इससे राज्यों के खजाने पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के लिए यह संतुलन बनाना बड़ी चुनौती होगी कि कैसे इस महत्वाकांक्षी योजना को राज्यों के सहयोग से जमीन पर उतारा जाए।
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ग्रामीण भारत के विकास में अहम कदम
‘VB-G RAM G’ योजना केवल एक नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत को डिजिटल और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। 1 फरवरी को यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस योजना के लिए अनुमानित 1.5 लाख करोड़ रुपये के कुल खर्च का प्रबंधन कैसे करती है।
