
आयुष्मान भारत कार्ड (सोर्स-सोशल मीडिया)
Ayushman Bharat increase to 10 lakh Budget 2026: बजट 2026 के करीब आते ही स्वास्थ्य क्षेत्र में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं। सरकार वर्तमान में प्रति परिवार 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर प्रदान करती है, लेकिन बढ़ती चिकित्सा लागतों के कारण इसे दोगुना करने का प्रस्ताव चर्चा में है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आगामी फरवरी में स्वास्थ्य बजट में महत्वपूर्ण वृद्धि की घोषणा कर सकती हैं। यह कदम न केवल गरीबों को राहत देगा बल्कि देश के हेल्थकेयर बुनियादी ढांचे को भी मजबूती प्रदान करेगा।
मीडिया रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों के अनुसार, आयुष्मान भारत की बीमा सीमा को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये प्रति वर्ष करने की योजना है। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य गंभीर बीमारियों और महंगे अंग प्रत्यारोपण (Transplants) के इलाज को गरीब परिवारों के लिए सुलभ बनाना है। अगर यह प्रस्ताव बजट में पारित होता है, तो यह देश की स्वास्थ्य सुरक्षा प्रणाली में अब तक का सबसे बड़ा सुधार होगा।
70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए हाल ही में 5 लाख रुपये का अतिरिक्त टॉप-अप कवर पेश किया गया है। इसका मतलब है कि जिन परिवारों में बुजुर्ग सदस्य हैं, उनके लिए प्रभावी कवरेज पहले से ही 10 लाख रुपये तक पहुंच चुका है। बजट 2026 में इस लाभ को अन्य श्रेणियों या पूर्ण परिवार आधार पर भी लागू किए जाने की संभावना तलाशी जा रही है।
वर्ष 2025-26 के बजट अनुमानों में इस योजना के लिए 9,406 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था, जो पिछले वर्ष की तुलना में 24% अधिक था। आगामी बजट में इस राशि के 10,000 करोड़ रुपये के पार जाने का अनुमान है ताकि बढ़ते लाभार्थी आधार को संभाला जा सके। बढ़े हुए फंड से न केवल बीमा राशि बढ़ेगी, बल्कि अधिक निजी अस्पतालों को भी पैनल में शामिल किया जा सकेगा।
चिकित्सा क्षेत्र में बढ़ती महंगाई और नई तकनीकी के इस्तेमाल से ऑपरेशनों और दवाओं के दाम काफी बढ़ गए हैं। 5 लाख रुपये की वर्तमान सीमा अक्सर जटिल सर्जरी या लंबे समय तक चलने वाले कैंसर जैसे इलाजों के लिए अपर्याप्त साबित होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA) कवरेज बढ़ाने की दिशा में वित्तीय बोझ का आकलन कर रही है।
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छत्तीसगढ़ और पंजाब जैसे राज्यों ने पहले ही अपने स्तर पर कवरेज को 10 लाख रुपये तक बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए हैं। पंजाब सरकार ने घोषणा की है कि वह 22 जनवरी 2026 से इस बढ़े हुए कवर को लागू करेगी, जिससे मौजूदा लाभार्थियों को अतिरिक्त राहत मिलेगी। राज्यों की इन सफलताओं को देखते हुए केंद्र सरकार इसे पूरे देश में एक समान रूप से लागू करने पर विचार कर रही है।






