इंश्योरेंस प्रीमियम पर GST को लेकर शनिवार को होगी GoM मीटिंग

बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अगुवाई वाला मंत्री समूह शनिवार को जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने को लेकर चर्चा करने के लिए समूह की बैठक लेने वाले है।
Bihar Deputy Chief Minister Samrat Chaudhary will lead GoM Meeting
सम्राट चौधरी (सौजन्य : सोशल मीडिया)
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नई दिल्ली : पिछले कई महीनों से हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर लगने वाली जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने की कोशिश की जा रही है। इसे कम करने के लिए दो मंत्री समूहों यानी जीओएम का भी गठन किया है, जो इस मामले में सुझाव देने वाले है। इस जीओएम समूह की मीटिंग शनिवार को होने जा रही है।

स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा प्रीमियम पर दर कम करने पर गठित जीओएम की यह पहली बैठक होगी। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अगुवाई वाला मंत्री समूह बीमा प्रीमियम पर कर की दर को 18 प्रतिशत से कम करने के बारे में सुझाव देगा।

टैक्सेशन को रिजनेबल बनाने पर चर्चा

चौधरी की अगुवाई में एक अन्य मंत्री समूह की भी बैठक होगी जिसे जीएसटी दरों को रिजनेबल बनाने के लिए गठित किया गया था। इस बैठक में 12 प्रतिशत स्लैब को कम करने, अधिक वस्तुओं को 5 प्रतिशत कर के दायरे में लाने, मेडिकल एवं मेडिसिन से संबंधित वस्तुओं, साइकिल और बोतलबंद पानी पर टैक्सेशन को रिजनेबल बनाने पर चर्चा होगी। यह मंत्री समूह 12 और 18 प्रतिशत की दरों के विलय की संभावना पर भी चर्चा कर सकता है। 6 सदस्यीय समूह में आम लोगों के इस्तेमाल वाली वस्तुओं पर टैैक्स की दर कम करने से रेवेन्यू में होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए गैस-युक्त यानी एयरेटेड पानी और बेवरेज जैसी वस्तुओं पर दरें बढ़ाने को लेकर चर्चा होगी।

जीएसटी में करों की 4 लेवल संरचना

फिलहाल वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी में करों की 4 लेवल संरचना है, जिसमें 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत की दरें हैं। जीएसटी के तहत आवश्यक वस्तुओं को या तो कर से छूट दी जाती है या फिर सबसे कम स्लैब में रखा जाता है। वहीं लग्जरी और नुकसानदेह वस्तुओं को सबसे ऊंचे कर स्लैब में रखा जाता है।

लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर टैक्स की दर

इसके साथ ही जीएसटी काउंसिल ने हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर टैक्स की दर को 18 प्रतिशत से कम करने की उम्मीद तलाशने के लिए भी एक मंत्री समूह गठित किया था। इस समूह को अक्टूबर के आखिर तक अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।यह जीओएम बुजुर्गों, मध्यम वर्ग और मानसिक बीमारी वाले लोगों जैसी विभिन्न श्रेणियों के लिए पर्सनल, समूह, फैमिली फ्लोटर और अन्य मेडिकल इंश्योरेंस सहित हेल्थ/मेडिकल की टैक्स दर के बारे में सुझाव देगा। पिछले वित्त वर्ष में केंद्र और राज्यों ने स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर जीएसटी लगाकर 8,262.94 करोड़ रुपये का राजस्व इकट्ठा किया था। वहीं स्वास्थ्य पुनर्बीमा प्रीमियम पर जीएसटी के कारण 1,484.36 करोड़ रुपये एकत्र किए गए थे।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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