बिहार चुनाव 2025: ओसामा शहाब की सीट पर बीजेपी क्यों कर रही पावर शो, क्या थमेगा हार का सिलसिला?
Bihar Elections 2025: बिहार चुनाव में एनडीए के स्टार प्रचारकों की एंट्री शुरू, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने रघुनाथपुर में ओसामा शहाब को निशाना बनाते हुए उनके पिता शहाबुद्दीन पर हमला किया।
- Written By: अक्षय साहू
योगी आदित्यनाथ, ओसामा शहाब (सोर्स- सोशल मीडिया)
Yogi Adityanath Bihar Elections: बिहार में चुनाव को लेकर एनडीए के स्टार प्रचारकों की एंट्री शुरू हो गई है। दीपावली और छठ पर्व के बाद बुधवार को यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ बिहार के चुनावी रण में उतरे। योगी आदित्यनाथ की आज पहली सभा सीवान जिले के रघुनाथपुर विधानसभा क्षेत्र में हुई। आरजेडी ने इस सीट पर बाहुबली शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब को टिकट दिया है।
यहां योगी आदित्यनाथ ने अपनी सभा में ओसामा पर उनके पिता का नाम लेकर प्रहार किया। रघुनाथपुर में बाहुबली शहाबुद्दीन के बेटे राजद प्रत्याशी ओसामा को निशाने पर लेते हुए उन्होंने कहा कि, राजद ने यहां से जो प्रत्याशी दिया है, वह अपनी खानदानी आपराधिक पृष्ठभूमि के लिए पूरे देश में कुख्यात रहा है। नाम भी देखिए. जैसे नाम, वैसा काम।
योगी ने शहाबुद्दीन का नाम लेकर किया वार
योगी आदित्यनाथ आगे कहा कि बिहार में आप लोग माफिया को नहीं पनपने दें। बिहार की धरती हम सबके लिए ज्ञान की धरती है,भक्ति की धरती है, शक्ति की धरती है,शांति और क्रांति की धरती है। इस धरती पर आप किसी माफिया से संबंध रखने वाले परिवार के लोगों को कैसे अपना वोट दे सकते हैं।
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दरअसल, सीवान की सीट बीजेपी और आरजेडी के लिए प्रतिष्ठा की सीट बन गई है। क्योंकि ये तीनों सीटें एक तरह से एनडीए और आरजेडी के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुकी हैं। 2020 के चुनाव में आरजेडी के हरिशंकर यादव ने लोजपा प्रत्याशी मनोज कुमार सिंह को करीब 18 हजार वोटों से हराकर जीत दर्ज की थी। इस बार एनडीए की ओर से चुनाव मैदान में जीशू सिंह युवा चेहरा हैं।
थमेगा परिवार की हार का सिलसिला?
शहाबुद्दीन की मौत के बाद 2024 में उनकी पत्नी सीवान से निर्दलीय लोकसभा का चुनाव लड़ा था। लेकिन, उनकी इस सीट पर करारी हार हुई थी। जेडीयू की विजयलक्ष्मी देवी ने शहाबुद्दीन की पत्नी हेना शहाब को 92,857 वोटों से हराया था। इस चुनाव में आरजेडी उम्मीदवार अवध बिहारी चौधरी तीसरे नंबर पर रहे थे। इस चुनाव के बाद वो राजनीतिक रूप से काफी सक्रिय नहीं दिखी।
हेना शहाब को सबसे कम रघुनाथपुर विधानसभा से ही मिले थे। जबकि इस विधानसभा में ही उनका गांव प्रतापपुर है। इसको लेकर कहा जा रहा है कि क्या ओसामा लगातार परिवार को मिल रही हार पर ब्रेक लगा पायेंगे। 2015 और 2020 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर आरजेडी का ही कब्जा रहा है। रघुनाथपुर सीट से निवर्तमान आरजेडी विधायक हरिशंकर यादव को शहाबुद्दीन की सिफ़ारिश पर ही टिकट मिला करता था। यही कारण है कि जब ओसामा को प्रत्याशी बनाने की बात हुई तो उन्होंने अपनी सीट छोड़कर ओसामा के साथ चुनाव प्रचार में लग गए हैं।
क्या है सीट का समीकरण?
रघुनाथपुर विधानसभा यादव, राजपूत और मुस्लिम बहुल सीट है। आरजेडी के माई समीकरण के साथ साथ अपने परिवार के लोगों के राजपुत के रिश्ते को भी चुनाव प्रचार में खुब यूज कर रहे हैं। ओसामा ने अपना राजनीतिक करियर शुरू करने के लिए इसी कारण से इसे चुना है।
ओसामा और जीशु सिंह आमने सामने
ओसामा का मुकाबला जेडीयू के विकास कुमार सिंह उर्फ जीशु सिंह से है। इनका चुनाव प्रचार करने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से लेकर यूपी के सीएम योगी आदित्य नाथ तक आ चुके हैं। 48 साल के जीशु सिंह, नीतीश कुमार के साथ समता पार्टी के वक़्त से हैं। पेशे से व्यवसायी जीशु सिंह रघुनाथपुर में अपनी सभा के दौरान ‘शहाबुद्दीन की समानांतर सरकार’ के संबंध में भी चर्चा करते हैं।
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आरजेडी प्रत्याशी ओसामा पर तंज कसते हुए कहते हैं कि वे विरासत की बदौलत आतंक की राजनीति करते हैं। एके 47 के साथ पैदा हुए हैं। पहले सीवान में फैशन था कि लोग बंदूक की नली गाड़ी से निकालकर चला करते थे। लेकिन नीतीश सरकार ने इस आतंकराज से सीवान को मुक्त कराया है। इसलिए यहां की जनता भी आतंक का राज वापस नहीं आने देगी।
