रोहिणी को लेकर RJD पर तेज प्रताप का तीखा हमला
RJD Cheaf Lalu Family Controversy: बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी शिकस्त के बाद लालू प्रसाद यादव के परिवार में छिड़ी रार अब थमने का नाम नहीं ले रही है। बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने अपनी पुरानी पार्टी और छोटे भाई तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। पारिवारिक कलह अब खुलकर सड़क पर आ गई है। तेजप्रताप ने चेतावनी देते हुए कहा है कि जिस तरह पहले मुझे और अब देवी जैसी बहन रोहिणी आचार्य को पार्टी से दूर किया गया, अगर यही रवैया रहा तो आरजेडी 25 से 5 सीटों पर सिमट जाएगी। उनका यह बयान बिहार की राजनीति में भूचाल लाने वाला है।
तेजप्रताप यादव ने अपनी पार्टी जनशक्ति जनता दल के सोशल मीडिया अकाउंट पर एक विस्तृत पोस्ट लिखकर आरजेडी की वर्तमान स्थिति को उजागर किया। आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने याद दिलाया कि कैसे 2015 में 80 सीटों वाली पार्टी 2020 में 75 और अब गिरकर 25 पर आ गई है। उधर, इस पारिवारिक कलह पर भाजपा ने भी चुटकी ली है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि लालू यादव की ‘राजनीतिक कंपनी’ अब विफल हो चुकी है और हार से बौखलाए इसके शेयरधारक अब एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
तेजप्रताप ने अपने दर्द को बयां करने के लिए महाभारत का सहारा लिया है। उन्होंने लिखा कि जब-जब इज्जत का तमाशा हुआ है पार्थ, तब-तब धर्म ने सिर्फ हस्तिनापुर ही नहीं बल्कि पूरा इतिहास बदल दिया है। उन्होंने भावुक होकर कहा कि पहले मुझे निकाला गया क्योंकि लोगों को लगा कि मैं फालतू हूं और इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन अब देवी जैसी बहन रोहिणी आचार्य को भी अलग कर दिया गया। तेजप्रताप के अनुसार, पूरा बिहार इस तमाशे पर हंस रहा है। उन्होंने दावा किया कि जब उन्होंने ‘नई RJD‘ की सच्चाई जनता को बताई, तब जाकर पार्टी को अपनी गलती का एहसास हुआ, लेकिन अब बहुत देर हो चुकी है।
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तेजप्रताप यादव ने कड़े शब्दों में कहा कि अब RJD में लालू जी की विचारधारा नहीं बची है, बल्कि यह पार्टी अब ‘जयचंदों’ द्वारा हथिया ली गई है। उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जहां सिद्धांत की जगह चाटुकार बैठे हों और समर्पण की जगह षड्यंत्र रचा जा रहा हो, वहां सवाल पूछना भी खोखला लगता है। उन्होंने दावा किया कि यह तो सिर्फ 20 दिनों का असर था, अगर वे पूरे बिहार में घूम लेते तो आरजेडी अभी ही 5 सीटों पर आ जाती। तेजप्रताप ने साफ किया कि राजनीति कुर्सी की नहीं बल्कि चरित्र की होती है, और जनता ने यह बता दिया है कि सबको निकालने के बाद पार्टी में अब कोई नहीं बचा है।