पप्पू यादव (सोर्स- नवभारत डिजाइन)
Pappu Yadav On Horse Trading: आज बिहार में राज्यसभा के चुनाव संपन्न। राज्यसभा चुनाव के बीच पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने चुनाव प्रक्रिया और मौजूदा राजनीति पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यसभा और विधान परिषद जैसे चुनावों में जनप्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त हो रही है। मीडिया से बातचीत में पप्पू यादव ने कहा कि आज स्थिति यह हो गई है कि कुछ नेता करोड़ों रुपये में बिक रहे हैं।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कोई दो करोड़ में बिक रहा है तो कोई पांच करोड़ में। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में अब मूल्यों और सिद्धांतों की जगह पैसे का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। उनके मुताबिक जनता ने जिन प्रतिनिधियों को भरोसे के साथ चुना और अब वही नेता पैसे के लिए अपने सिद्धांतों और चरित्र से समझौता कर रहे हैं।
राज्यसभा की पांच सीटों पर चुनाव को लेकर पप्पू यादव काफी भावुक और आक्रोशित नजर आए। इस बीच उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीति में ‘पैसों’ का बोलबाला हो गया है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए आगे कहा कि राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव में जनप्रतिनिधि गाय-बैल और कुत्ते-बिल्ली की तरह बिक रहे हैं. कोई 2 करोड़ में बिक रहा है, तो कोई 5 करोड़ में. क्या जनता ने इन्हें अपना ईमान और चरित्र बेचने के लिए चुना था? जहां खरीदने और बेचने वाले दोनों का चरित्र एक जैसा हो, वहां जनता के भले की उम्मीद कैसे की जा सकती है।
भारतीय निर्वाचन आयोग को लेकर पप्पू यादव ने कहा कि कहा कि लोकतंत्र में चुनाव आयोग की जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण होती है। उनके मुताबिक यदि ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं तो इसकी गंभीरता से जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए जिससे जनता का विश्वास बना रहे।
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पप्पू यादव अपने बेबाक और तीखे बयानों के लिए जाने जाते हैं। बिहार की राजनीति में वह अक्सर ऐसे मुद्दे उठाते हैं जिन पर खुलकर बहस होती है। राज्यसभा चुनाव के बीच दिया गया उनका यह बयान भी सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि राज्यसभा चुनाव संपन्न हो गया है और उसमें एनडीए के सभी उम्मीदवारों ने जीत भी हासिल की है। इसके बाद भी उनके बयान की चर्चाएं तेज हैं।