कांग्रेस ने बनवाया था संजय गांधी जैविक उद्यान, सम्राट सरकार ने बदल दिया नाम, बिहार में और क्या बदला?
Bihar News: बिहार की नई नवेली सरकार ने दो संस्थानों के नाम बदल दिए हैं। बिहार में दो बड़े संस्थान अब अपने पुराने नाम से नहीं जाने जाएंगे। जानिए बिहार सरकार ने क्या बदलाव किए।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
संजय गांधी जैविक उद्यान (फाइल फोटो), सोर्स- सोशल मीडिया
Patna Zoo Name Changed: दिवंगत कांग्रेस नेता संजय गांधी के नाम से बनाए गए दो बड़े संस्थानों का नाम बदल दिया गया है। अब संजय गांधी जैविक उद्यान पटना जू के नाम से जाना जाएगा। इसके साथ ही डेयरी संस्थान का नाम बदलकर ‘बिहार स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी’ कर दिया गया है।
पटना का विशालकाय चिड़ियाघर अब संजय गांधी जैविक उद्यान के नाम से नहीं जाना जाएगा। सूबे के दो बड़े संस्थानों के नामकरण कर दिए गए हैं। इन संस्थानों से अब पुरानी पट्टिकाओं को हटा लिया गया है। इसके पीछे सरकार ने अपनी मंशा भी जाहिर कर दी है।
सम्राट सरकार ने बदले दो संस्थानों के नाम
हाल ही में नए सिरे से बनी सम्राट चौधरी की सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने राज्य के दो ऐसे संस्थानों का नाम बदल दिया है जो कांग्रेस नेता संजय गांधी के नाम पर रखे गए थे। संजय गांधी जैविक उद्यान का नाम बदलकर पटना जू कर दिया गया है। आम बोलचाल की भाषा में पहले भी लोग इसे पटना जू के नाम से बुलाया करते थे। अब संजय गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी का नाम बदलकर बिहार स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी कर दिया गया है। इस फैसले के पीछे सरकार ने अपनी मंशा स्पष्ट करते हुए बताया कि इन संस्थानों की पहचान अब उनके स्थान और राज्य के नाम से होगी। इससे इनको और अधिक लाभ होगा।
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दशकों पुराना है इनका इतिहास
साल 1969 में पटना जू की स्थापना की गई थी। तत्कालीन राज्यपाल नित्यानंद कानूनगो ने राजभवन की जमीन इस काम के लिए दान दी थी। चार साल बाद इसे आम जनता के लिए खोल दिया गया। इसकी खास बात ये है कि देश का चौथा सबसे बड़ा चिड़ियाघर है। यहां अलग-अलग प्रजातियों के जीव हैं। इसी तरह साल 1980 में संजय गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेयरी टेक्नोलॉजी की स्थापना की गई और 1986 में इसे पटना शिफ्ट किया गया। यहां पर पढ़ रहे बच्चों को डेयरी से जुड़ी प्रोफेशनल शिक्षा दी जाती है।
बिहार कैबिनेट के मुख्य निर्णय
| क्षेत्र | प्रमुख निर्णय और लाभ | आवंटित राशि / विवरण |
|---|---|---|
| बिजली | मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना के तहत उपभोक्ताओं को हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली मिलती रहेगी | ₹23,165 करोड़ मंजूर |
| शिक्षा | राज्य के 208 ब्लॉकों में नए डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे | ₹104 करोड़ और 9,152 नए पद |
| शिक्षा | हर ब्लॉक में एक मॉडल स्कूल का निर्माण होगा, जहां स्मार्ट क्लास और आधुनिक लैब की सुविधा होगी | आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा |
| सड़क व इंफ्रा | 4 बड़ी सड़क परियोजनाओं (गंगा अंबिका, नारायणी, विश्वामित्र पथ और गया में नया पुल) को मंजूरी | पटना में NIFT हेतु जमीन आवंटन |
| स्वास्थ्य | पटना के गर्दनीबाग में ऑटिज्म पीड़ितों के इलाज के लिए ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ बनेगा | विशेष स्वास्थ्य सुविधा |
| छात्र कल्याण | SC/ST छात्रावासों में रहने वाले छात्रों का स्टाइपेंड दोगुना किया गया | ₹1000 से बढ़ाकर ₹2000 |
