बिहार में शराबबंदी की रिपोर्ट कार्ड, 11.37 लाख केस और करोड़ों लीटर जब्त शराब; कानून के 10 साल का पूरा ब्योरा
Bihar Liquor Ban: डिप्टी सीएम ने आगे कहा कि जनवरी 2023 से मार्च 2026 के बीच विभिन्न चौकियों पर 178,000 मामले दर्ज किए गए और 292,000 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।
- Written By: मनोज आर्या
प्रतीकात्मक तस्वीर, (सोर्स- सोशल मीडिया)
Bihar Liquor Ban 10 Years Report: बिहार के निषेध, उत्पाद शुल्क और पंजीकरण विभाग ने शराब बंदी को लेकर की गई कार्रवाई की एक व्यापक रिपोर्ट जारी की है। बिहार के उपमुख्यमंत्री और शराबबंदी विभाग के प्रभारी बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि 1 अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2026 के बीच राज्य में शराबबंदी से संबंधित कुल 1,137,731 मामले दर्ज किए गए। इनमें से 560,639 मामले आबकारी विभाग द्वारा और 577,092 मामले पुलिस द्वारा दर्ज किए गए।
बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि 10 वर्ष की अवधि में शराबबंदी से संबंधित अपराधों के सिलसिले में 1,718,058 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने कुल 48.3 मिलियन लीटर शराब जब्त की, जिसमें 24.2 मिलियन लीटर देसी और 24 मिलियन लीटर विदेशी शराब शामिल है।
10 साल में 5,090 लोग गिरफ्तार
जब्त की गई शराब का लगभग 98 प्रतिशत, यानी लगभग 47.3 मिलियन लीटर, अधिकारियों द्वारा नष्ट किया जा चुका है। जनवरी 2022 से मार्च 2026 तक बिहार में शराबबंदी के प्रवर्तन के लिए कई मोर्चों पर गहन निगरानी और अभियान चलाए गए। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि 10 साल में ड्रोन की सहायता से 164,000 से अधिक छापे मारे गए, जिसके परिणामस्वरूप 8,834 मामले दर्ज किए गए और 5,090 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।
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इसके साथ ही, जलमार्गों और नदी क्षेत्रों में मोटर बोटों का उपयोग करके 80,000 से अधिक छापे मारे गए। इन अभियानों के तहत 1.6 मिलियन लीटर से अधिक शराब जब्त की गई, जो दुर्गम क्षेत्रों में कार्रवाई को उजागर करती है।
357.21 करोड़ रुपये का राजस्व
डिप्टी सीएम ने आगे कहा कि जनवरी 2023 से मार्च 2026 के बीच विभिन्न चौकियों पर 178,000 मामले दर्ज किए गए और 292,000 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। इसी अवधि के दौरान इन चौकियों पर 12,391 वाहन जब्त किए गए। शराबबंदी से संबंधित मामलों में कुल मिलाकर 167,000 से अधिक वाहन जब्त किए गए हैं। इनमें से 80,207 वाहनों की नीलामी की गई, जिससे लगभग 357.21 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
इसके अतिरिक्त, जुर्माने के भुगतान पर 25,232 वाहन छोड़े गए, जिससे राज्य के खजाने में 101.24 करोड़ रुपये का अतिरिक्त योगदान हुआ। विशेष उत्पाद शुल्क न्यायालयों में दर्ज 50 प्रतिशत से अधिक मामलों का अब तक निपटारा हो चुका है। निपटाए गए इन मामलों में से 99 प्रतिशत में आरोपियों को दोषी ठहराया गया और सजा सुनाई गई, जो सफल अभियोजन की उच्च दर को दर्शाता है।
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शराबबंदी को लेकर सरकार सख्त
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि कुल 84 चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं, जिनमें 67 अंतर-राज्यीय चेक पोस्ट शामिल हैं। ये चेकपॉइंट 24 घंटे कार्यरत हैं और सीसीटीवी निगरानी प्रणालियों से सुसज्जित हैं। अवैध शराब की आवाजाही को रोकने के लिए हैंडहेल्ड स्कैनर का उपयोग करके वाहनों की जांच की जाती है। 80 उत्पाद शुल्क पुलिस स्टेशन एक्टिव हैं और प्रवर्तन क्षमताओं को बढ़ाने के लिए ड्रोन, मोटरबोट, स्निफर डॉग और ब्रेथ एनालाइजर जैसे आधुनिक उपकरणों का उपयोग कर रहे हैं।
