अख्तरुल ईमान (सोर्स- सोशल मीडिया)
Bihar Rajyasabha Chunav: असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने राज्यसभा चुनाव को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह इस बार राज्यसभा के लिए अपना कैंडिडेट उतारेगी और किसी दूसरी पार्टी को सपोर्ट करने के लिए नहीं बनी है।
पार्टी विधायक अख्तरुल ईमान ने कहा कि AIMIM सिर्फ सपोर्ट देने के लिए पॉलिटिक्स में नहीं आई है। उन्होंने सवाल किया, “क्या मैं सिर्फ सपोर्ट देने के लिए पैदा हुआ हूं? पहले यह पूछो कि मुझे कौन सपोर्ट करेगा।” उन्होंने कहा कि अभी उनकी पार्टी का राज्यसभा में कोई रिप्रेजेंटेशन नहीं है, इसलिए AIMIM चाहती है कि हाउस में उसकी आवाज सुनी जाए।
अख्तरुल ईमान ने केंद्र और राज्य सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में जो लोग कम्युनल ताकतों से लड़ना चाहते हैं और दलितों, पिछड़े वर्गों और दबे-कुचले वर्गों के अधिकारों की रक्षा करना चाहते हैं, उन्हें AIMIM का सपोर्ट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी चीफ असदुद्दीन ओवैसी हमेशा समाज के कमजोर वर्गों की आवाज उठाते हैं। जब भी देश में कहीं भी कम्युनल टेंशन होता है, तो वह सबसे पहले अपना सपोर्ट दिखाते हैं।
ईमान ने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से ओवैसी की स्थिति मजबूत करने और AIMIM की राज्यसभा में एंट्री पक्की करने की अपील की, ताकि पार्टी संसद के ऊपरी सदन में अपनी बात मजबूती से रख सके। पार्टी का मानना है कि अब समय आ गया है कि वह सिर्फ समर्थन से आगे बढ़कर लीडरशिप की भूमिका निभाए।
बिहार से पांच राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है। जिसमें से दो-दो सीटों पर भाजपा और जदयू के उम्मीदवारों का उच्च सदन पहुंचना तय माना जा रहा है। लेकिन पांचवीं सीट के लिए एनडीए को तीन वोटों की जरूरत होगी। जबकि विपक्षी गठबंधन को अपना उम्मीदवार जिताने के लिए 6 विधायकों के वोट जरूरी होंगे।
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ऐसे में अगर विपक्षी गठबंधन को AIMIM के पांच और बसपा के एक विधायक का साथ मिल जाए तो उनका उम्मीदवार उच्च सदन में पहुंच सकता है। लेकिन अख्तरुल ईमान के इस ऐलान ने चुनाव को एनडीए की तरफ मोड़ते हुए दिलचस्प बना दिया है।