नीतीश कुमार (सोर्स- सोशल मीडिया)
CM Nitish Kumar: बिहार में नई सरकार के गठन की औपचारिक प्रक्रिया अगले 48 घंटों में शुरू हो जाएगी। जेडीयू के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने पुष्टि की है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। जिससे नई एनडीए सरकार के गठन का रास्ता साफ हो जाएगा।
सोमवार सुबह नीतीश कुमार अपनी सरकार की अंतिम कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसके तुरंत बाद, वह राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपने के लिए राजभवन जाएंगे। इसके बाद वह पार्टी की एक बैठक में शामिल होंगे जहां जेडीयू के 85 नवनिर्वाचित विधायक आगे की रणनीति पर फैसला लेंगे। जेडीयू की बैठक के बाद, एनडीए की एक अलग बैठक होगी, जिसका समय और स्थान अभी तय नहीं हुआ है।
89 विधायकों के साथ एनडीए की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा द्वारा रविवार या सोमवार को सरकार गठन पर औपचारिक बयान जारी करने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, भाजपा की घोषणा के तुरंत बाद, एनडीए के विधायक नीतीश कुमार को अपना नेता चुनेंगे, जिससे उनका फिर से मुख्यमंत्री बनना लगभग तय हो जाएगा। एनडीए के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह बुधवार या गुरुवार को होने की संभावना है।
शनिवार सुबह से ही नीतीश कुमार के आवास पर बैठकों का दौर जारी रहा। केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रालोद) प्रमुख चिराग पासवान ने उनसे मुलाकात की और नई सरकार पर चर्चा की। एनडीए के सहयोगी दलों के दो दर्जन से ज़्यादा वरिष्ठ नेताओं, जिनमें ललन सिंह, संजय झा, विजय कुमार चौधरी, श्याम रजक, नितिन नवीन, कृष्ण कुमार मंटू और उमेश सिंह कुशवाहा शामिल थे, ने भी नीतीश से मुलाकात की।
नई सरकार के गठन को लेकर शनिवार को दिल्ली और पटना दोनों जगहों पर बैठकें जारी रहीं। रविवार को भी को भी ऐसी बैठकें जारी रहने की संभावना है। दिल्ली में जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। माना जा रहा है कि इस बैठक में मंत्रालयों के बंटवारे और नई सरकार के स्वरूप पर विस्तार से चर्चा हुई।
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संजय झा ने कहा कि बिहार की जनता ने सुशासन में विश्वास जताया है। राज्य की जनता को नीतीश कुमार पर सबसे ज़्यादा भरोसा है। वहीं, पटना में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने रालोद प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा और उनके चार विधायकों से मुलाकात की। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि एनडीए की जीत भारी और निर्णायक है और महागठबंधन का पूरी तरह सफाया हो गया है।