नीतीश कुमार ने आज शाम तक जदयू विधायकों को बुलाया अपने आवास, नई सरकार बनाने को लेकर बढ़ी हलचल

Who Will Be Bihar CM: बिहार चुनाव के परिणाम के बाद सीएम आवास पर हलचल तेज है। सुबह से नेताओं का आना-जाना लगा है। इस बीच नीतीश कुमार ने जदयू विधायकों को शनिवार शाम तक पटना आने का निर्देश दिया है।
Nitish Kumar called JDU MLAs to his residence
जदयू नेता नीतीश कुमार। इमेज-सोशल मीडिया।
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Bihar CM Nitish Kumar Meeting: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल फिर तेज हो गई है। स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद नेतृत्व और सरकार गठन के अगले चरण को लेकर शनिवार से ही चर्चाओं का नया दौर शुरू हो गया है। सीएम और जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने अपने सभी नवनिर्वाचित विधायकों को आज शाम तक पटना बुलाया है।

सूत्रों के अनुसार, जदयू विधायक दल की बैठक होने की संभावना है। इसके लिए नीतीश ने सभी नवनिर्वाचित विधायकों को पटना आने का निर्देश दिया है। बैठक में नेतृत्व, सरकार गठन की प्रक्रिया, गठबंधन समन्वय और आगामी प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर चर्चा होने की संभावना है। हालांकि, बैठक को लेकर आधिकारिक बयान नहीं आया है। मगर, हालात इस ओर संकेत दे रहे कि नई सरकार की रूपरेखा के संबंध में बैठक में चर्चा हो सकती है। बड़ा फैसला भी लिया जा सकता है।

नीतीश ही होंगे सीएम: नितिन नवीन

NDA ने प्रचंड बहुमत हासिल किया है। इसके बाद राज्य स्थिर सरकार बनने का मार्ग साफ है। इसके बावजूद बार-बार सवाल उठ रहा कि क्या नीतीश ही मुख्यमंत्री होंगे? इस पर भाजपा नेता और इस सरकार में मंत्री रहे नितिन नवीन का कहना है कि कहीं कोई इफ और बट नहीं है। नीतीश ही मुख्यमंत्री होंगे। जदयू नेता श्रवण कुमार ने कहा कि बिहार में सीएम नीतीश थे और रहेंगे। मुख्यमंत्री पद की वेकेंसी नहीं है। जल्द सभी लोगों को खुशखबरी दी जाएगी। दोनों नेताओं ने आज यह बयान सीएम आवास पर नीतीश से मुलाकात के बाद दिया है।

चिराग की मुलाकात के बाद बढ़ी चर्चा

आज सुबह राजनीतिक गतिविधि और तेज हो गई, जब लोजपा (आरवी) प्रमुख चिराग पासवान अपने नवनिर्वाचित विधायकों संग सीएम आवास पहुंचे। नीतीश से उनकी और उनके नेताओं की यह मुलाकात 25–30 मिनट चली। इसके बाद चिराग ने बयान दिया कि यह औपचारिक मुलाकात थी। इसमें हमने सीएम नीतीश और उनके दल को चुनाव परिणाम और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। लोजपा नेता ने बताया कि जदयू और लोजपा (आरवी) ने कई क्षेत्रों में एक-दूसरे का समर्थन किया है। इस जीत का श्रेय संयुक्त प्रयासों को जाता है। मुख्यमंत्री पद के सवाल पर उन्होंने इसे गठबंधन नेतृत्व पर छोड़ दिया। इससे राजनीतिक गलियारों में कई चर्चाएं शुरू हो गईं।

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