'अपराधियों को वोट न दें, इससे बेहतर है चुल्लू भर पानी में डूब मरें', आरके सिंह का सियासी वार

Bihar Election: पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने अपराधियों को वोट देने पर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने सम्राट चौधरी और अनंत सिंह सहित कई उम्मीदवारों के आपराधिक रिकॉर्ड पर सवाल उठाए हैं।
RK Singh
पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह, फोटो- सोशल मीडिया
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Bihar Assembly Election 2025: भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने एक वीडियो जारी कर बिहार चुनाव में सियासी हलचल मचा दी है। उन्होंने मतदाताओं से अपराधी छवि वाले प्रत्याशियों को वोट न देने की अपील की है। उन्होंने यहां तक कहा है कि ऐसे लोगों को वोट देने से बेहतर है कि 'चुल्लू भर पानी में डूब मरा जाए।'

पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता आरके सिंह ने एक वीडियो जारी कर राजनीतिक गलियारों में बड़ी हलचल मचा दी है, जो उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट पर अपलोड किया था। आरके सिंह ने तीखे लहजे में कहा है कि आपराधिक छवि वाले उम्मीदवारों को वोट देना शर्मनाक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सम्राट चौधरी और अनंत सिंह जैसे लोगों को वोट देने से बेहतर है कि "चुल्लू भर पानी में डूब मरा जाए।"

आधे दर्जन उम्मीदवार अपराधी छवि वाले- आरके सिंह

आरके सिंह ने इस वीडियो में करीब आधे दर्जन ऐसे उम्मीदवारों का नाम लिया जिनकी छवि अपराधी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे दीपावली के इस पावन मौके पर सोच समझ कर वोट दें और अपराधी तथा भ्रष्ट सुझावित उम्मीदवारों को मतदान न दें। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि जिन लोगों पर गंभीर आरोप दर्ज हैं या जिनका आपराधिक पृष्ठभूमि है, वे जनता की भलाई और विकास के रास्ते में बाधा हैं और इन्हें वोट देना ठीक नहीं है।

तीन नामों को उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए

अनंत सिंह, सम्राट चौधरी और रघुनाथपुर से ओसामा शाहाबुद्दीन का नाम लेते हुए आरके सिंह ने कहा कि इन नेताओं पर हत्या, अपहरण और अन्य गंभीर आरोप लगे हैं, और वे कई बार जेल भी जा चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अपने दौर में ऐसे मामलों में कार्रवाई के आदेश भी दिए थे।

अनंत सिंह और सम्राट चौधरी पर जमकर भड़के सिंह

अनंत सिंह का जिक्र करते हुए आरके सिंह ने बताया कि उनके खिलाफ हत्या, अपहरण और नरसंहार जैसे गंभीर आरोप हैं। उन्होंने याद दिलाया कि 1985 में, जब वे पटना के जिलाधिकारी थे, तब उन्हें अनंत सिंह के कई परिजनों को अनुमंडल से हटवाना पड़ा था। उन्होंने तारापुर के सम्राट चौधरी पर भी कुछ गंभीर आरोपों का हवाला दिया, जैसे कि हत्या का आरोप और उम्र प्रमाणपत्र में गड़बड़ी का आरोप, जिनका संतोषजनक जवाब नहीं मिला है।

वोटर्स से सोच समझकर वोट देने की अपील

रघुनाथपुर से ओसामा शाहाबुद्दीन का नाम लेते हुए उन्होंने शाहाबुद्दीन परिवार की छवि से जुड़े पुराने और संवेदनशील मुद्दे का जिक्र किया। आरके सिंह ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल आरोप लगाना नहीं है, बल्कि मतदाताओं से अपील करना है कि वे सोच-समझकर वोटिंग करें। उन्होंने चेतावनी दी कि "यदि आप अपराधी या भ्रष्ट पृष्ठभूमि वाले लोगों को वोट देंगे, तो बिहार में विकास नहीं होगा।"

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उन्होंने वोटर्स से दीवाली के मौके पर अपने बच्चों और राज्य के भविष्य के बारे में सोचने और गंभीर आरोपों वाले प्रत्याशियों को वोट न देने की अपील की। उन्होंने यह आशंका भी जताई कि अगर अपराधी तत्व राजनीति में बढ़ेंगे तो इसका सीधा असर रोजगार और विकास पर पड़ेगा।

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