

Bihar Assembly Elections 2025 Result: बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। पार्टी को जनता ने फिर से विपक्ष में ही बैठने का आदेश दिया है। दोपहर साढ़े 12 बजे तक की गिनती के बाद तेजस्वी यादव की अगुआई वाली पार्टी महज 32 सीटों पर ही आगे चल रही थी। हालांकि, आरजेडी के लिए एक बड़ी खुशखबरी यह है कि वोट शेयर के मामले में पार्टी अब भी सबसे आगे है।
दोपहर 2 बजे तक की गिनती के बाद भाजपा 90 सीटों पर आगे चल रही थी तो जेडीयू 80 पर बढ़त बनाए हुई थी। चिराग पासवान की लोजपा भी 20 सीटों पर जीत की तरफ बढ़ चुकी थी। इसके साथ ही तय हो गया कि आरजेडी को सत्ता में आने के लिए कम से कम पांच साल और इंतजार करना होगा। आरजेडी महज 32 तो कांग्रेस सिर्फ सात सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। वहीं सीपीआई एमएल को 7 सीटें मिल सकती हैं।
इस हाहाकारी हार के बीच वोट शेयर के आकंड़े आरजेडी के जख्म पर मरहम लगा सकते हैं। पार्टी इस चुनाव में वोट शेयर के मामले में सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है। 2 बजे तक गिने गए वोटों के आधार पर आरजेडी को करीब 23 पर्सेंट वोट शेयर मिला है। सीटों के लिहाज से सबसे बड़ी पार्टी बनी भाजपा को 21 फीसदी के करीब वोट हासिल हुआ है। वहीं, जेडीयू को 18.92 फीसदी वोट मिला है। कांग्रेस को 8.15 फीसदी वोट मिले हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव की मतगणना के शुरुआती रुझान में एनडीए को प्रचंड बहुमत मिलता हुआ नजर आ रहा है। वहीं, महागठबंधन को बड़ा झटका लगा है। राजद-कांग्रेस मिलकर भी 50 सीटों पर जीत हासिल करने के लिए संघर्ष कर रही है। इस बीच सवाल उठ रहा है कि अगर इस चुनाव में भी राजद को हार का सामना करना पड़ता है, तो तेजस्वी का राजनीतिक भविष्य क्या होगा? सियासत उनकी रगों में दौड़ती है, क्योंकि उनके पिता और मां दोनों बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
तेजस्वी यादव आरजेडी के युवराज हैं और उन्हें 2025 के विधानसभा चुनाव में भावी सीएम माना जा रहा था, लेकिन बिहार के नतीजों ने उन्हें निस्तेज कर दिया है। बात हो रही है तेजस्वी यादव की, जिनके जीत के तमाम दावों को बिहार की जनता से सिरे से नकार दिया है। अब सवाल उठता है कि क्या यह चुनावी हार तेजस्वी यादव का राजनीतिक तेज खत्म कर देगी? इन नतीजों के बाद आरजेडी के युवराज का भविष्य कैसा होगा?