मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल में लगी भीषण आग, 10 से ज्यादा मरीजों की मौत की आशंका, बचाव कार्य जारी
Muzaffarpur Hospital Fire: मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल के ICU में आग लगने से 10 की मौत और 20 लोगों को रेस्क्यू किया गया। अस्पताल के सभी डॉक्टर और कर्मचारी मौके से फरार बताए जा रहे हैं।
- Written By: प्रिया सिंह
मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल (सोर्स- सोशल मीडिया)
Muzaffarpur Hospital Fire Tragic Incident: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक बेहद दुखद और भयानक घटना सामने आई है। यहां के ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में अचानक भीषण आग लग गई। यह आग सुबह करीब 3 बजे अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर स्थित आईसीयू (ICU) वार्ड में लगी थी।
दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड के बाद अब इस हादसे ने सबको पूरी तरह से दहला दिया है। आग लगने के कारण पूरे अस्पताल परिसर में कुछ ही देर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। जहरीला धुआं पूरे अस्पताल में तेजी से फैल गया जिससे मरीज काफी घबरा गए।
आग का कारण और बचाव कार्य
शुरुआती जानकारी के अनुसार अस्पताल में आग लगने की मुख्य वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की करीब 12 गाड़ियां तुरंत ही घटनास्थल पर पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने खिड़कियां और दरवाजे तोड़कर आईसीयू और अन्य वार्डों में फंसे मरीजों को बाहर निकाला।
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भारी मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड की टीम ने 20 से ज्यादा मरीजों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। बचाए गए सभी मरीजों को तुरंत शहर के अन्य सुरक्षित स्थानों और अस्पतालों में शिफ्ट कर दिया गया है। अग्निशमन अधिकारी आर.एन. पांडेय के मुताबिक जब उनकी टीम पहुंची तो स्थिति बहुत ज्यादा खराब थी।
10 मरीजों की दुखद मौत
राहत और बचाव कार्य के बावजूद इस भयानक हादसे में 10 से अधिक लोगों की जान चली गई। बचाए गए 20 मरीजों में से भी कई मरीजों की हालत काफी ज्यादा गंभीर बनी हुई है। पूरा ICU वार्ड घने और काले धुएं से भर जाने के कारण कई मरीजों का दम घुट गया।
एक पीड़ित परिजन ने रोते हुए बताया कि उनके पिता भी इसी आईसीयू में भर्ती थे जिनकी जान चली गई। इस दुखद घटना में जान गंवाने वाले बेगुनाह मरीजों के परिवारों में चीख-पुकार मच गई है। सभी लोग अस्पताल के बाहर अपने परिजनों की तलाश कर रहे हैं और प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप
हादसे के बाद अस्पताल प्रबंधन और वहां के स्टाफ के खिलाफ आम लोगों का भारी गुस्सा फूटा। मौके पर मौजूद परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद डॉक्टर और कर्मचारी मरीजों को छोड़कर भाग गए। कर्मचारियों ने मरीजों को आग में तड़पता हुआ छोड़ दिया और अपनी जान बचाकर वहां से तुरंत फरार हो गए।
यहां तक कि प्रशासन ने मृत मरीजों के शव भी उनके परिजनों को नहीं सौंपे। अग्निशमन अधिकारी ने भी इस बात की पूरी तरह पुष्टि की है कि अस्पताल का ज्यादातर स्टाफ वहां से गायब था। इस भयंकर लापरवाही के कारण अब अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की जा रही है।
