बिहार चुनाव: महागठबंधन का ‘तेजस्वी प्रण’ जारी, 20 महीने में हर परिवार को नौकरी, जानिए 10 बड़ी बातें
महागठबंधन ने बिहार चुनाव के लिए 'तेजस्वी प्रण पत्र' जारी किया। सबसे बड़ा वादा है हर परिवार के एक सदस्य को 20 महीने में सरकारी नौकरी देना। जानिए और क्या-क्या वादे किए गए हैं।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
महागठबंधन का 'तेजस्वी प्रण' जारी, फोटो- सोशल मीडिया
Mahagathbandhan Manifesto Bihar: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए महागठबंधन ने अपने ‘तेजस्वी प्रण पत्र’ में सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया है। अति पिछड़ा (EBC) वर्ग के लिए कई नए कानून और आरक्षण की सीमा बढ़ाने की मांग की गई है।
महागठबंधन ने ‘बिहार का तेजस्वी प्रण’ नाम से जारी घोषणा पत्र में कुल 20 प्रण शामिल किए हैं। इनमें से 10 प्रण विशेष रूप से सामाजिक न्याय, आरक्षण और वंचित वर्गों (ईबीसी, एससी, एसटी, ओबीसी) के अधिकारों को मजबूत करने पर केंद्रित हैं।
महागठबंधन ने जो 10 प्रमुख वादे किए हैं, वे इस प्रकार हैं:
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- ईबीसी आरक्षण में वृद्धि: पंचायत और नगर निकाय चुनावों में अति पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) के लिए आरक्षण को 20% से बढ़ाकर 30% किया जाएगा।
- 50% आरक्षण सीमा खत्म करने की मांग: संविधान की 9वीं अनुसूची में 50% आरक्षण की सीमा खत्म करने वाले कानून को शामिल करने की मांग की जाएगी।
- एससी-एसटी एक्ट की तरह कानून: अति पिछड़ा वर्ग के लोगों पर होने वाले अत्याचारों को रोकने के लिए ‘अति पिछड़ा अत्याचार निवारण कानून’ बनाया जाएगा, ठीक वैसे ही जैसे एससी-एसटी एक्ट मौजूद है।
- ‘नॉट फाउंड सूटेबल’ (NFS) व्यवस्था खत्म होगी: सरकारी नौकरियों में इस्तेमाल होने वाली ‘नॉट फाउंड सूटेबल’ (NFS) व्यवस्था को समाप्त किया जाएगा, ताकि किसी भी योग्य उम्मीदवार को चयन प्रक्रिया से बाहर न किया जा सके।
- भूमिहीन परिवारों को जमीन: सभी भूमिहीन ईबीसी, एससी, एसटी और ओबीसी परिवारों को गांव में 5 डिसमिल और शहर में 3 डिसमिल जमीन प्रदान की जाएगी।
- ईबीसी सूची की समीक्षा: अति पिछड़ा वर्ग की सूची की समीक्षा करने के लिए एक विशेष कमेटी बनाई जाएगी।
- निजी स्कूलों में आरक्षण: निजी स्कूलों में आरक्षित सीटों का आधा हिस्सा ईबीसी, एससी, एसटी और ओबीसी बच्चों को दिया जाएगा।
- सरकारी ठेकों में भागीदारी: ₹25 करोड़ तक के सरकारी ठेकों में वंचित वर्गों (ईबीसी, एससी, एसटी, ओबीसी) को 50% भागीदारी दी जाएगी।
- निजी शिक्षण संस्थानों में आरक्षण: राज्य के निजी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भी आरक्षण व्यवस्था को लागू किया जाएगा।
- स्वतंत्र प्राधिकरण द्वारा निगरानी: आरक्षण व्यवस्था की निगरानी करने के लिए एक स्वतंत्र प्राधिकरण का गठन किया जाएगा। इसके अलावा, आरक्षण में किसी भी बदलाव के लिए विधानसभा की मंजूरी को अनिवार्य किया जाएगा।
सबसे बड़ा वादा: 20 महीने में सरकारी नौकरी
बिहार चुनाव को लेकर महागठबंधन (आरजेडी, कांग्रेस, लेफ्ट और अन्य दल) के नेताओं ने मंगलवार को ‘बिहार का तेजस्वी प्रण’ नाम से घोषणा पत्र जारी किया। इस घोषणा पत्र में कुल 20 प्रण शामिल किए गए हैं। इस मेनिफेस्टो की सबसे बड़ी और मुख्य घोषणा यह है कि 20 महीने के भीतर हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी।
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने पहले भी इस वादे का जिक्र किया था और अब इसे औपचारिक रूप से घोषणापत्र में शामिल किया गया है। तेजस्वी ने ऐलान किया है कि इस सरकारी नौकरी के लिए 20 दिन के अंदर एक अधिनियम (Act) बनाया जाएगा।
महिलाओं और संविदा कर्मियों पर फोकस
घोषणा पत्र में युवाओं, महिलाओं, किसानों, संविदा कर्मियों और पुराने पेंशनधारी परिवारों को कुछ न कुछ देने की घोषणा की गई है। माई-बहिन योजना के तहत उन्हें हर महीने ₹2500 का भत्ता दिया जा सकता है। महिलाओं के लिए ₹500 में गैस सिलेंडर देने का ऐलान भी किया जा सकता है। इसके अलावा, महागठबंधन आगे 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की घोषणा भी कर सकता है।
#WATCH पटना, बिहार | आगामी बिहार चुनाव 2025 के लिए महागठबंधन ने ‘बिहार का तेजस्वी प्रण’ शीर्षक से अपना घोषणापत्र जारी किया। pic.twitter.com/Zab5mKLIcR — ANI_HindiNews (@AHindinews) October 28, 2025
यह घोषणा पत्र पटना के मौर्या होटल में महागठबंधन के सभी सहयोगी दलों की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में जारी किया गया। इस दौरान कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और सीपीआई माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने भी अपने विचार रखे। दीपांकर भट्टाचार्य ने आश्वासन दिया कि जो वादे किए गए हैं, वे पूरे करने लायक हैं और पूरे किए जाएंगे।
क्या है तेजस्वी यादव की कुल गुणा-गणित
महागठबंधन में आरजेडी, कांग्रेस, लेफ्ट के तीन दल (सीपीआई-एम, सीपीआई, सीपीएम), वीआईपी (VIP), और आईपी गुप्ता का दल शामिल हैं। महागठबंधन ने पहले ही तेजस्वी यादव को सीएम फेस घोषित कर दिया था, जबकि वीआईपी चीफ मुकेश सहनी डिप्टी सीएम चेहरा हैं। सीटों के बंटवारे के तहत, RJD 143 सीटों पर, कांग्रेस 62 सीटों पर और वीआईपी 15 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि सीपीआई-माले 20, सीपीएम 6 और सीपीआई 4 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।
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घोषणापत्र जारी करने के बाद एनडीए पर साधा निशाना
तेजस्वी ने घोषणापत्र जारी करते समय एनडीए पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी के लोगों और भ्रष्ट अधिकारियों ने नीतीश कुमार को पुतला बनाकर रखा है। वहीं, एनडीए दल हर परिवार में एक सरकारी नौकरी के वादे पर सवाल उठा रहे हैं।
