RJD के डर ने बिगाड़ा सारा खेल- जनसुराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष
Jan Suraaj Party Official Remark on Bihar Election Result: बिहार विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी का खाता भी नहीं खुल पाया। तीन साल की मेहनत और बड़े-बड़े दावों के बावजूद पार्टी को ऐसी करारी हार क्यों मिली? इसका खुलासा खुद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ने किया है। पटना में एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने जो कारण बताया, वह बेहद चौंकाने वाला है। उन्होंने कहा कि जन सुराज की हार का सीधा कनेक्शन लालू यादव और आरजेडी के डर से जुड़ा है।
उदय सिंह ने शुक्रवार को मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी नतीजों से हताश नहीं है। उन्होंने माना कि पार्टी को कम से कम 15 प्रतिशत वोटों का अनुमान था, लेकिन मिले सिर्फ 4 प्रतिशत। उन्होंने कहा, “जनता ने हमें स्वीकार किया पर वोट नहीं मिले। यह हमारा अपने आप से भी सवाल है।” इस बड़ी चूक की वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि बिहार के लोग राजद की सत्ता में वापसी की संभावना मात्र से डर गए थे।
उदय सिंह ने हार की समीक्षा करते हुए साफ कहा कि वोट शिफ्टिंग का मुख्य कारण यह डर था कि ‘राजद को लोग नहीं आने पाएं’। इसी खौफ के कारण अंतिम समय में जन सुराज पार्टी के वोटों की शिफ्टिंग एनडीए की ओर हो गई। उन्होंने कहा कि लोगों को कांग्रेस से उतना डर नहीं लगता, जितना लालू यादव या राजद से लगता है। बिहार की जनता ने सोचा कि अगर उन्होंने जन सुराज को वोट दिया, तो इससे राजद के आने की संभावना बढ़ जाएगी। इसलिए, राजद को रोकने के लिए उन्होंने सीधे एनडीए को चुन लिया और हमारा सूपड़ा साफ हो गया।
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हार के बावजूद, उदय सिंह ने दावा किया कि इस चुनाव में एजेंडा जन सुराज ने ही सेट किया था। उन्होंने कहा, “हमने 2000 रुपये सामाजिक सुरक्षा पेंशन का वादा किया, तब जाकर नीतीश कुमार ने इसे बढ़ाकर 1100 रुपये किया।” उन्होंने यह भी कहा कि रोजगार और पलायन का मामला भी जन सुराज ने ही प्रमुखता से उठाया, जिसके बाद खुद प्रधानमंत्री भी पलायन रोकने की बात करने लगे। पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि जन सुराज इन नतीजों के बावजूद अपने मुद्दों के साथ अनवरत चलता रहेगा और अब हमारी मांग है कि एनडीए अपने किए वादे पूरे करे।