वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट (सोर्स- सोशल मीडिया)
Mahua Moitra and Prashant Kishor fake chat Case: चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर और टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा की फर्जी चैट लीक मामले में नोएडा पुलिस पर गंभीर आरोप लगा है। टीएमसी सांसद ने कहा कि नोएडा पुलिस ने आरोपी को भगाने में मदद की है। उन्होंने आरोपी और बीजेपी नेता के बीच पुलिस के सामने फोन पर हुई कथित बातचीत का वीडियो भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है।
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, ‘लिखा कि पश्चिम बंगाल पुलिस एक वारंट तामील करने गई थी। देखिए कैसे आरोपी ने BJP ट्रोल आर्मी चीफ अमित मालवीय को फोन किया, जिन्होंने नोएडा पुलिस को “आप कुछ नहीं करेंगे” की धमकी दी। सब कुछ वीडियो में कैद है इसलिए नोएडा पुलिस को झूठ बोलना बंद करना चाहिए।’
WB police went to execute a warrant. See how accused calls BJP troll army chief @amitmalviya who threatens Noida Police with “Aap Kuch Nahi Karenge” . Everything is caught on video so @noidapolice should stop lying. pic.twitter.com/XIWgZAe0JQ — Mahua Moitra (@MahuaMoitra) February 12, 2026
एक अन्य पोस्ट में महुआ मोइत्रा ने लिखा कि सुनिए अमित मालवीय नोएडा पुलिस से लाइन पर बात कर रहे हैं। Sec 41A का नोटिस भेजा गया (आरोपी ने कैमरे पर पहले माना कि उसे ईमेल मिला था) फिर नोएडा पुलिस पश्चिम बंगाल पुलिस को थाने ले गई और आरोपी को भागने में मदद की। झूठ बोलना बंद करो।
Listen to @amitmalviya calling back with Noida cop on line. Sec 41A Notice sent ( accused admits earlier on camera he received email), Then @noidapolice took away WB police to station & helped accused abscond. Stop lying. pic.twitter.com/BauyUfmAyf — Mahua Moitra (@MahuaMoitra) February 12, 2026
दूसरी तरफ नोएडा पुलिस ने महुआ मोइत्रा के आरोपों का खंडन करते हुए बताया कि वे वेस्ट बंगाल पुलिस की पूरी मदद कर रहे थे। पुलिस ने कहा कि आरोपी सुरजीत दासगुप्ता का पता करने के बाद दोनों पुलिस टीमें लोटस पनाचे सोसाइटी पहुंची थीं, लेकिन आरोपी वहां नहीं मिला। जिसके बाद उसकी पत्नी को नोटिस दिया गया और आसपास के इलाके की तलाशी ली गई, पर कोई सुराग नहीं मिला।
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर और टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के बीच कथित प्राइवेट चैट के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल किए गए। महुआ मोइत्रा ने इसे पूरी तरह फर्जी बताते हुए कई सोशल मीडिया यूजर्स के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई और फेक कंटेट फैलाने के लिए FIR और कानूनी कार्रवाई की बात कही।
कुछ दिन पहले ट्विटर पर एक स्क्रीनशॉट वायरल हुआ था, जिसमें महुआ मोइत्रा और प्रशांत किशोर के बीच कथित तौर पर WhatsApp चैट दिख रही थी। महुआ ने इसे फेक बताया और 5 फरवरी को कई हैंडल्स की लिस्ट शेयर करते हुए चेतावनी दी। 7 फरवरी को उन्होंने नदिया जिले के कोतवली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। फोरेंसिक जांच में चैट फेक निकली।
आरोपी सुरजीत दासगुप्ता कथित तौर पर एक न्यूज पोर्टल चलाता है और BJP से जुड़ा हुआ है। नोटिस जारी होने के बाद भी जब आरोपी पेश नहीं हुआ तो नदिया कोर्ट ने नॉन-बेलेबल वारंट जारी किया। पश्चिम बंगाल पुलिस की एक टीम 10-11 फरवरी को नोएडा पहुंची और नोएडा पुलिस के साथ मिलकर घर पर छापा मारा, लेकिन आरोपी नहीं मिला।
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पश्चिम बंगाल पुलिस का दावा है कि नोएडा पुलिस ने दखल दिया और उन्हें पुलिस स्टेशन ले जाकर जांच में देरी की जिससे आरोपी भाग गया। हालांकि, नोएडा पुलिस का कहना है कि आरोपी घर पर नहीं था। महुआ मोइत्रा ने अमित मालवीय का नाम लिया और एक वीडियो शेयर किया जिसमें आरोपी उन्हें कॉल करते हुए दिख रहा है।