

Bihar Assembly Elections 2025 Result:बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों में एनडीए को प्रचंड बहुमत मिला है। वहीं, राजद और कांग्रेस समेत महागठबंधन में शामिल सभी दलों को बड़ा झटका लगा है। तेजस्वी यादव समेत विपक्षी गठबंधन के कई नेताओं के अपनी सीट बचाने के लिए भी जद्दोजहद करता हुआ देखा गया है। वहीं, दानापुर सीट से राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के उम्मीदवार रीतलाल यादव चुनाव हार गए। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के रामकृपाल यादव ने यह सीट अपने नाम की है।
रीतलाल यादव के लिए लालू परिवार पूरी दमखम के साथ चुनाव प्रचार किया था। खुद आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने रोड शो किया था। इसके बावजूद वे दानापुर सीट जीतने में असफल रहे।
रामकृपाल यादव भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद और केंद्रीय मंत्री रहे हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव हारने के बाद दानापुर से विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। ये परिणाम आरजेडी के लिए एक महत्वपूर्ण हार मानी जा रही है, खासकर तब जब लालू यादव ने व्यक्तिगत रूप से उनके लिए अभियान चलाया था।
भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव को छपरा (Chhapra Vidhansabha, Result) सीट पर कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ा रहा है। बीजेपी की महिला उम्मीदवार छोटी कुमारी से 12वें राउंड की गिनती के बाद 5015 वोटों से पिछे चल रहे हैं। मतगणना के शुरूआत से राजद उम्मीदवार यहां से आगे चल रहे थे। हालांकि, वोटों की गिनती के साथ ही वे काफी पीछे हो गए।
इस हाहाकारी हार के बीच वोट शेयर के आकंड़े आरजेडी के जख्म पर मरहम लगा सकते हैं। पार्टी इस चुनाव में वोट शेयर के मामले में सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है। 2 बजे तक गिने गए वोटों के आधार पर आरजेडी को करीब 23 पर्सेंट वोट शेयर मिला है। सीटों के लिहाज से सबसे बड़ी पार्टी बनी भाजपा को 21 फीसदी के करीब वोट हासिल हुआ है। वहीं, जेडीयू को 18.92 फीसदी वोट मिला है। कांग्रेस को 8.15 फीसदी वोट मिले हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव की मतगणना के शुरुआती रुझान में एनडीए को प्रचंड बहुमत मिलता हुआ नजर आ रहा है। वहीं, महागठबंधन को बड़ा झटका लगा है। राजद-कांग्रेस मिलकर भी 50 सीटों पर जीत हासिल करने के लिए संघर्ष कर रही है। इस बीच सवाल उठ रहा है कि अगर इस चुनाव में भी राजद को हार का सामना करना पड़ता है, तो तेजस्वी का राजनीतिक भविष्य क्या होगा? सियासत उनकी रगों में दौड़ती है, क्योंकि उनके पिता और मां दोनों बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
तेजस्वी यादव आरजेडी के युवराज हैं और उन्हें 2025 के विधानसभा चुनाव में भावी सीएम माना जा रहा था, लेकिन बिहार के नतीजों ने उन्हें निस्तेज कर दिया है। बात हो रही है तेजस्वी यादव की, जिनके जीत के तमाम दावों को बिहार की जनता से सिरे से नकार दिया है। अब सवाल उठता है कि क्या यह चुनावी हार तेजस्वी यादव का राजनीतिक तेज खत्म कर देगी? इन नतीजों के बाद आरजेडी के युवराज का भविष्य कैसा होगा?