Bihar Bandh: नाम हटेगा-राशन छिनेगा..पटना में गरजे राहुल-तेजस्वी, EC पर होगा असर?

Rahul Gandhi and Tejashwi Yadav in Bihar Bandh: तेजस्वी यादव और राहुल गांधी की अगुवाई में महागठबंधन घटक दलों के अन्य नेता और कार्यकर्ता आयकर गोलंबर से निर्वाचन कार्यालय तक विरोध मार्च शुरू कर चुके हैं
Rahul gandhi and tejashwi yadav in patna
प्रदर्शन में शामिल राहुल गांधी व तेजस्वी यादव (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Bihar Bandh: बिहार में चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के विरोध में महागठबंधन ने आज यानी बुधवार को 'बिहार बंद' का आह्वान किया। जिसमें आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी शामिल हो चुके हैं। राहुल गांधी सुबह ही दिल्ली से पटना पहुंचे हैं।

तेजस्वी यादव और राहुल गांधी की अगुवाई में महागठबंधन घटक दलों के अन्य नेता और कार्यकर्ता आयकर गोलंबर से निर्वाचन कार्यालय तक विरोध मार्च शुरू कर चुके हैं। जिसमें वीआईपी चीफ मुकेश सहनी भी शामिल हैं। वहीं, बिहार बंद का असर राजधानी पटना के अलावा अन्य जिलों में भी देखने को मिल रहा है। प्रदर्शन के बाद दोनों नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस भी कर सकते हैं।

तेजस्वी यादव ने 'बिहार बंद' को लेकर चुनाव आयोग और केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक राजनीतिक दल का हिस्सा बन गया है। क्या गुजरात के दो लोग तय करेंगे कि कौन बिहारी वोट दे सकता है और कौन नहीं?

पहले हटेगा नाम, फिर छिनेगा राशन: तेजस्वी

उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आयोग अपनी विश्वसनीयता खो चुका है। गरीब लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाने की बड़े पैमाने पर तैयारी चल रही है। पहले उनके नाम हटाए जा रहे हैं, फिर उनकी पेंशन और राशन भी छीन लिया जाएगा।

कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रभारी कन्हैया कुमार ने बिहार बंद को लेकर कहा कि "सड़कों पर उतरे हैं लोकतंत्र की रक्षा के लिए। क्योंकि कहा जाता है कि अगर सड़कें सुनी हो जाए तो संसद आवारा हो जाती है इसलिए सड़कों पर उतरना जरूरी है।"

पुर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने भी अपने समर्थकों के कांग्रेस का झंडा थामकर इस 'बिहार बंद' में भाग लिया है। उन्होंने एक्स पर प्रदर्शन का एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि शंखनाद हो गया, जनता सड़क पर उतर गई, वोटबंदी की सरकार, उखाड़ फेंकेगा बिहार, राहुल गांधी जी हम बिहारी हैं तैयार।

आपको बता दें कि विपक्षी दल के नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण पर तुरंत रोक लगनी चाहिए। उनका कहना है कि इसे विधानसभा चुनाव के बाद किया जाना चाहिए। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण में जिन 11 दस्तावेजों की मांग की जा रही है, वे गरीबों के पास नहीं हैं। ऐसा ही हुआ तो बिहार में भारी संख्या में मतदाता अपने अधिकार से वंचित रह जाएंगे।

फिलहाल राहुल-गांधी और तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन में शामिल दलों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का व्यापक विरोध प्रदर्शन जारी है। कांग्रेस और आरजेडी सहित महागठबंधन में शामिल सभी दलों के दिग्गज नेता हुजूम के साथ निर्वाचन कार्यालय की तरफ बढ़ रहे हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि निर्वाचन आयोग पर इस 'बिहार बंद' का क्या कुछ असर होता है।

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