

Kerala Congress Post on Bihar: केरल कांग्रेस के पोस्ट में लिखे इस एक वाक्य ने नए विवाद को जन्म दे दिया है। इस पोस्ट में बिहार को बीड़ी से जोड़ना अब राजनीतिक और सामाजिक रूप से अपमानजनक माना जा रहा है।
दरअसल, यह पोस्ट केंद्र सरकार के उस फैसले की आलोचना के तहत थी जिसमें बीड़ी, सिगरेट और सिगार पर जीएसटी बढ़ाकर 40% कर दिया गया है। इन पर अब तक 28% टैक्स लगा करता था। दूसरी तरफ रोजमर्रा की वस्तुओं जैसे दूध, दही, बाइक और कार आदि पर टैक्स में राहत दी गई है जिसे नवरात्रि से लागू कर दिया जाएगा।
कांग्रेस का दावा है कि राहुल गांधी ने सालों पहले ही इस तरह की टैक्स-संरचना की जरूरत पर जोर दिया था और अब केंद्र ने उनकी बात को देर से सही मान लिया। लेकिन जिस अंदाज में यह संदेश केरल कांग्रेस द्वारा प्रसारित किया गया, उसने विवाद खड़ा कर दिया। इस पोस्ट में केरल कांग्रेस ने सरकार पर हमला करते-करते बिहार की तुलना बीड़ी से कर देने का दावा किया गया है। हालाकि अब इस पोस्ट को डिलीट कर दिया गया है।
जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने इस पोस्ट को “बिहार का अपमान” करार दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय झा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस ने यह दिखा दिया है कि उन्हें न तो बिहार के गौरव का सम्मान है और न ही भारतीय लोकतंत्र की समझ। संजय झा ने लिखा, “B से सिर्फ बीड़ी नहीं, बुद्धि भी होती है- जो कांग्रेस में नहीं बची है।” उन्होंने आगे लिखा, “बिहार वह भूमि है जहाँ आदिशक्ति मां जानकी प्रकट हुई थीं, जहाँ भगवान बुद्ध को ज्ञान मिला, जहाँ से गांधी जी को राष्ट्रपिता बनाने की शुरुआत हुई। इसी धरती ने संविधान का पहला मसौदा, पहला राष्ट्रपति और संपूर्ण क्रांति दी थी, जिसने कांग्रेस की तानाशाही को उखाड़ फेंका था।” उन्होंने यह भी कहा कि बिहार की जनता इस अपमान का जवाब “बीड़ी के धुएं से नहीं, वोट की चोट से” देगी।
यह मामला ऐसे समय में उठा है जब बिहार विधानसभा चुनाव कुछ ही महीनों दूर हैं। बिहार में कांग्रेस पहले ही कमजोर स्थिति में है और उसे RJD के साथ गठबंधन में भी सीमित सीटें मिलती हैं। इस विवाद के बाद राज्य में पार्टी को और नुकसान उठाना पड़ सकता है। विशेष रूप से यह बात भी गौर करने वाली है कि बिहार के कई इलाकों में बीड़ी उद्योग जीविकोपार्जन का एक साधन है। ऐसे में "बीड़ी" से "बिहार" की तुलना करना न केवल अपमानजनक, बल्कि राजनीतिक रूप से आत्मघाती कदम माना जा सकता है।
जीएसटी नीति की आलोचना करते हुए कांग्रेस ने जो पोस्ट साझा की, वह मुद्दे से भटककर क्षेत्रीय अस्मिता से टकरा गई है। JDU जैसे क्षेत्रीय दल ने इसे तुरंत भुनाया और इसे बिहार के अपमान से जोड़कर मुद्दा बना दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस इस पर क्या सफाई देती है, और क्या यह मामला आगामी चुनावों में उसकी रणनीति को प्रभावित करेगा।