रुझान आते ही बौखलाए अखिलेश, SIR पर फोड़ा करारी हार का ठीकरा, बोले- बीजेपी दल नहीं छल है

Bihar Election Result: बिहार विधानसभा चुनाव के रुझानों में एनडीए को भारी बढ़त मिलते ही समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्रीय चुनाव आयोग और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए।
The trends have come in, Akhilesh is distraught, he blames the BJP for the crushing defeat, saying, "BJP party is not working."
अखिलेश यादव, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Updated on

Bihar Election Akhilesh Yadav Statement:  बिहार विधानसभा चुनाव के रुझानों ने राजनीतिक तापमान काफी बढ़ा दिया है। 198 सीटों पर बढ़त के साथ एनडीए स्पष्ट बहुमत की ओर बढ़ रहा है, जबकि महागठबंधन मात्र 41 सीटों तक सिमटता नजर आ रहा है। इन रुझानों के सामने आते ही समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा और केंद्रीय चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है।

सुबह करीब 6:45 बजे सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव ने दावा किया कि बिहार में ‘SIR’ के जरिए चुनावी साजिश रची गई। उन्होंने कहा कि यह खेल अब पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में नहीं दोहराया जा सकेगा, क्योंकि इस बार भंडाफोड़ हो चुका है। उनकी यह पोस्ट जल्दी ही वायरल हो गई और इसे 6,000 से अधिक लाइक्स और 1,300 रीपोस्ट मिले।

बिहार में SIR ने खेल  किया

अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा कि बिहार में जो खेल SIR ने किया है, वो यूपी, बंगाल, तमिलनाडु और बाकी जगह पर अब नहीं हो पाएगा। CCTV की तरह हमारा PPTV यानी पीडीए प्रहरी भाजपा के मंसूबों को नाकाम करेगा। भाजपा दल नहीं छल है। अखिलेश ने स्पष्ट किया कि PPTV की अवधारणा चुनाव आयोग की हर गतिविधि पर सतर्क निगरानी रखने के लिए बनाई गई है, जिसका उद्देश्य चुनावी पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

उन्होंने बताया कि यह प्रहरी तंत्र युवा कार्यकर्ताओं और डिजिटल टूल्स की मदद से वोटर लिस्ट, बूथ मैनेजमेंट, EVM संचालन और मतगणना प्रक्रिया की निगरानी करेगा। अखिलेश ने 12 नवंबर को भी इसी तरह की पोस्ट की थी, जिसमें लिखा था कि हम SIR के लिए CCTV की तरह PPTV लगाएंगे तू जहां-जहां चलेगा, मेरा साया साथ होगा।

रुझानों से विपक्षी खेमे में निराशा

बिहार चुनाव के पहले चरण की वोटिंग 6 नवंबर को हुई थी। रुझानों ने विपक्षी खेमे में निराशा पैदा कर दी है, खासकर क्योंकि सपा और आरजेडी ने मिलकर आक्रामक प्रचार अभियान चलाया था। सपा नेताओं का बयान है कि अखिलेश का यह रुख विपक्ष की आगामी चुनावी रणनीति का हिस्सा है, जिसमें चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाकर कार्यकर्ताओं को ज़मीन पर सतर्क करने की कोशिश शामिल है।

उधर, अखिलेश ने भाजपा पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतंत्र को कमजोर करने वाली साजिशों में शामिल है और बिहार में EVM, मतदाता सूची और मतदान प्रतिशत को लेकर गड़बड़ियां हुईं। सपा का मानना है कि यह बयान भाजपा को रक्षात्मक मोड में धकेल सकता है, विशेषकर क्योंकि उत्तर प्रदेश में लोकसभा उपचुनाव और नगर निगम चुनाव जल्द होने वाले हैं।

Navbharat Live
navbharatlive.com