Flying Car का सपना होगा साकार, ट्रैफिक जाम के ऊपर से उड़ान भरने को तैयार भविष्य की कार
Electric Flying Car: ट्रैफिक जाम से जूझते शहरों में हवा में उड़कर गंतव्य तक पहुंचने का सपना अब हकीकत के बेहद करीब है। अमेरिका की कंपनी एलेफ एयरोनॉटिक्स ने दावा किया है की वो फ्लाइंग कार ला रही है।
- Written By: सिमरन सिंह
Flying Car का क्या होगा भविष्य। (सौ. AI)
World’s First Flying Car: ट्रैफिक जाम से जूझते शहरों में हवा में उड़कर गंतव्य तक पहुंचने का सपना अब हकीकत के बेहद करीब है। अमेरिका की कंपनी एलेफ एयरोनॉटिक्स ने दावा किया है कि दुनिया की पहली फ्लाइंग कार का उत्पादन शुरू हो चुका है। करीब 2.35 लाख पाउंड (लगभग 2 करोड़ 9.6 लाख रुपये) की कीमत वाली यह अनोखी कार सड़क पर चलने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर हवा में उड़ान भरने में भी सक्षम है। एक दशक से अधिक समय तक चले विकास के बाद कंपनी ने ऐलान किया है कि शुरुआती ग्राहकों को जल्द ही उनकी फ्लाइंग कार सौंपी जाएगी।
सिलिकॉन वैली में हाथ से तैयार होंगी शुरुआती कारें
एलेफ एयरोनॉटिक्स के मुताबिक, पहले चरण में फ्लाइंग कारों को कैलिफोर्निया की सिलिकॉन वैली स्थित फैसिलिटी में हाथ से तैयार किया जाएगा। हर एक वाहन को पूरी तरह सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने में कई महीने लगेंगे। इसी कारण शुरुआत में केवल चुनिंदा ग्राहकों को ही डिलीवरी दी जाएगी, ताकि वास्तविक परिस्थितियों में इनका परीक्षण किया जा सके। कंपनी का मानना है कि चरणबद्ध डिलीवरी से संभावित खामियों को समय रहते दूर किया जा सकेगा।
कंपनी का दावा “सही समय पर शुरू हुआ उत्पादन”
एलेफ एयरोनॉटिक्स के सीईओ जिम दुखोवनी का कहना है कि कंपनी तय समय पर पहली फ्लाइंग कार का उत्पादन शुरू करने में सफल रही है। उनके अनुसार, टीम ने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत की, क्योंकि लोग लंबे समय से इस तकनीक का इंतजार कर रहे थे। उनका कहना है कि अब यह परियोजना जमीन से उड़ान भरने के लिए तैयार है।
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सड़क और आसमान दोनों के लिए खास डिजाइन
कंपनी का दावा है कि यह कोई फ्लाइंग टैक्सी नहीं, बल्कि एक असली फ्लाइंग कार है। एलेफ मॉडल ए अल्ट्रालाइट एक रोड-लीगल वाहन भी है और बिना पंखों के eVTOL तकनीक के जरिए वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग करने वाला एयरक्राफ्ट भी। कार के बोनट और बूट में छिपे आठ प्रोपेलर जरूरत पड़ने पर तुरंत उड़ान में मदद करते हैं।
तकनीक, स्पीड और रेंज
सड़क पर यह कार एक की तरह चलती है, जिसमें हर पहिए में अलग मोटर लगी है। उड़ान के दौरान सीट के चारों ओर लगे पावरफुल प्रोपेलर इसे करीब 177 किमी/घंटा की क्रूजिंग स्पीड तक पहुंचाते हैं। कार्बन-फाइबर मेश बॉडी डिजाइन हवा को गुजरने देता है और प्रोपेलर को सुरक्षित रखता है। इसमें पायलट और एक यात्री के बैठने की जगह है। कंपनी के अनुसार, जमीन पर इसकी रेंज लगभग 321 किमी और हवा में 177 किमी होगी।
सीखना आसान, नियम सख्त
कंपनी का दावा है कि इसे चलाना और उड़ाना अपेक्षाकृत आसान है और सीखने में करीब 15 मिनट लग सकते हैं। हालांकि, अल्ट्रालाइट लो-स्पीड व्हीकल के तौर पर वर्गीकृत होने के कारण सार्वजनिक सड़कों पर इसकी अधिकतम गति 40 किमी/घंटा ही होगी।
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सर्टिफिकेशन, प्री-ऑर्डर और भविष्य
एलेफ एयरोनॉटिक्स को 2023 में अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन से एयरवर्थिनेस सर्टिफिकेशन मिल चुका है। कंपनी को अब तक 3,500 प्री-ऑर्डर मिल चुके हैं, जिनकी कुल कीमत 800 मिलियन पाउंड से अधिक बताई जा रही है। शुरुआती ग्राहकों को नियंत्रित परिस्थितियों में ही उड़ान की अनुमति मिलेगी और विशेष ट्रेनिंग भी अनिवार्य होगी।
आम लोगों तक पहुंचने में लगेगा वक्त
फिलहाल बड़े पैमाने पर उत्पादन की तैयारी जारी है। भविष्य में प्रक्रिया ऑटोमेटेड होने पर कीमत घटकर करीब 25,000 पाउंड तक आने की उम्मीद है। तब तक फ्लाइंग कारों का यह सपना सीमित लोगों के लिए ही साकार होगा।
