अब नहीं चलेगी पुरानी गाड़ी? सरकार का बड़ा नियम, टेंशन खत्म या बढ़ेगी परेशानी
Old Vehicle Rules: पुरानी या विंटेज कारों को पसंद करते है, तो यह खबर आपको परेशान कर सकती है। बता दें कि केंद्र सरकार की नई व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी के तहत कई पुरानी गाड़ियो को हटाने का फैसला किया है।
- Written By: सिमरन सिंह
Old Vehicle Rules (Source. Freepik)
Vehicle Scrappage Policy For Old Vehicle: आप भी पुरानी या विंटेज कारों को पसंद करते है, तो यह खबर आपको परेशान कर सकती है। बता दें कि केंद्र सरकार की नई व्हीकल स्क्रैप पॉलिसी के तहत जो गाड़ियां ठीक नहीं है उनको हटाने का फैसला किया गया है, वहीं अब इस फैसले का सीधा असर लाखों वाहन मालिकों पर पड़ने वाला है। लेकिन अब भी यह सवाल मन में आता है कि क्या सच में पुरानी गाड़ी खत्म हो जाएगी या आ किसी और तरीके से अपनी गाड़ी को बचा सकते है।
15-20 साल पुरानी गाड़ियों पर बड़ा फैसला
नई स्क्रैप पॉलिसी में मिली जानकारी के मुताबिक इसको 15 और 20 साल की पुनारी कमर्शियल और पब्लिक ट्रांसपोर्ट गाड़ियों पर लगाया जाएगा। जिसमें इन गाड़ियों को फिटनेस टेस्ट से गुजरना होगा, अगर ये गाड़ियां टेस्ट में फेल हो जाती हैं तो उन्हें स्क्रैप कर दिया जाएगा। वहीं इस बड़े फैसले से सरकार का मकसद साफ है की वह अपने देस से प्रदूषण फैलाने वाली पुरानी गाड़ियों को पूरी तरह हटा सकें। जिससे पर्यावरण बेहतर हो और हादसों को भी कम किया जा सकें। इस फैसले के बाद उन आम लोगों और कार प्रेमियों के बीच चिंता बढ़ गई है जिनके पास पुरानी गाड़िया है या जो पुरानी गाड़ी रखने का शौक रखते है।
क्लासिक कार लवर्स को झटका या राहत?
इस नई नीति के बाद वाहन प्रेमियो के मन में एक सवाल जरूर आ रहा है कि क्या इस फैसले से भारत का क्लासिक कार कल्चर खत्म हो जाएगा? तो बता दें की सरकार ने इस बात पर थोड़ी राहत दी है। सरकार ने फैसले में यह कहा है कि 50 साल से ज्यादा पुरानी गाड़ियों को विंटेज कैटेगरी में रखा गया है। अगर सबी टेस्ट के बाद यह गाड़ियां अच्छी हालत में हैं, तो इन्हें स्क्रैप नहीं किया जाएगा। लेकिन इसमें यह बात भी जोड़ी गई की इनको रोजमर्रा के इस्तेमाल की बजाय सिर्फ शो, रैली या खास मौकों पर चलाने की ही अनुमति दी जाएगी। इस नियम के आने के बाद असल चिंता 20 से 45 साल पुरानी गाड़ियों को होने वाली है क्योंकि यह गाड़िया न तो पूरी तरह नई हैं और न ही विंटेज ऐसे में नए नियम का असर सबसे ज्यादा इन पर ही होने वाला है।
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फिटनेस टेस्ट है असली गेम चेंजर
इन नए नियम के आने के बाद कई गलतफहमियां भी लोगों के बीच फैल रही है जिसमें से एक गलतफहमी यह है कि 15 साल पुरानी गाड़ी को सीधे स्क्रैप कर दिया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं है। नियम की हकीकत के बारें में बताया तो 15 साल बाद गाड़ी का फिटनेस टेस्ट होगा। अगर गाड़ी पास हो जाती है तो उसका रजिस्ट्रेशन दोबारा कराया जा सकता है और वो किसी भी आम गाड़ी की तरह चलाई जा सकती है। इसके अलावा भी कई चीजे है जो कार मालिक कर सकते है जैसे गाड़ी को इलेक्ट्रिक में कन्वर्ट करना या उसे शोपीस के तौर पर सुरक्षित रखना। ऐसे में यह तो साफ है कि सही देखभाल के साथ आप आपनी पसंदीदा कार को बचा सकती है।
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ऑटो सेक्टर पर पड़ेगा हजारों करोड़ का असर
इस नई पॉलिसी का असर आम लोगों के साथ ऑटो कंपनियों पर होगा, जिससे उनपर आर्थिक दबाव बढ़ेंगा। इसके पीछे की वजह भविष्य में स्क्रैप होने वाली गाड़ियों के लिए पहले से फंड अलग करना बताई जा रही है। जिससे इंडस्ट्री पर हजारों करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। वहीं बाकी देशों को देखे तो वैश्विक स्तर पर अमेरिका, यूरोप, जापान और चीन जैसे देशों में यह नीतियां पहले से लागू हैं, जहां पुरानी गाड़ियों को हटाने या रीसायकल करने के लिए इंसेंटिव दिए जाते हैं।
क्या करें वाहन मालिक?
अगर आपके गाड़ी भी इस नियम के अंदर आ रही है तो घबराने की जरूरत नहीं है। इस प्रक्रिया में सबसे पहले अपनी गाड़ी का फिटनेस टेस्ट कराएं और उसकी मेंटेनेंस पर ध्यान दें। एक सही रणनीति का इस्तेमाल करते हए आप अपनी कार को लंबे समय तक चला सकते है।
