साइबर अटैक से जूझ रही Jaguar Land Rover, ठप हुआ उत्पादन
Car Company Cyber Attack: Jaguar Land Rover पर हाल ही में हुए साइबर अटैक ने कंपनी की स्थिति को हिला कर रख दिया है। जिससे भारी नुकसान भी हुआ है।
- Written By: सिमरन सिंह
Jaguar Land Rover Cyber Attack में क्या हुआ। (सौ. X)
Jaguar Land Rover Cyber Attack: Jaguar Land Rover (JLR) पर हाल ही में हुए साइबर अटैक ने कंपनी की स्थिति को हिला कर रख दिया है। इस हमले के चलते कंपनी की वैश्विक प्रोडक्शन लाइन्स पूरी तरह ठप हो गईं, जिसका सीधा असर उसकी पैरेंट कंपनी Tata Motors पर भी दिखाई दे रहा है। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के अनुसार, JLR का उत्पादन करीब एक महीने से प्रभावित है।
अरबों का नुकसान
हालांकि कंपनी ने आधिकारिक तौर पर नुकसान का आंकड़ा साझा नहीं किया है, लेकिन फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह नुकसान लगभग 2 बिलियन पाउंड (करीब 20,000 करोड़ रुपये) तक पहुंच सकता है। वहीं, बीबीसी का दावा है कि जेएलआर को हर हफ्ते करीब 50 मिलियन पाउंड (लगभग 500 करोड़ रुपये) का घाटा उठाना पड़ रहा है। इस बीच कंपनी ने अपने 33,000 कर्मचारियों में से कई को घर पर ही रहने का निर्देश दिया है।
हैकर्स ने ली जिम्मेदारी
BBC की रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले की जिम्मेदारी “स्कैटर्ड लैप्सस हंटर्स” नाम के हैकर्स ने ली है। इस ग्रुप ने Telegram पर संदेश पोस्ट कर दावा किया और बाद में उसे डिलीट कर दिया। हैकर्स ने JLR के इंटरनल नेटवर्क के स्क्रीनशॉट भी साझा किए। इनमें से एक पोस्ट में लिखा गया, “मेरी नई कार कहां है, लैंड रोवर?”
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कौन हैं ये साइबर हमलावर?
सूत्रों के मुताबिक, ये हैकर्स ज्यादातर teenagers हैं। इससे पहले ये मार्क्स एंड स्पेंसर, हार्रोड और को-ऑप जैसे बड़े यूके रिटेलर्स को भी निशाना बना चुके हैं। ये कथित तौर पर “द कॉम” नामक अंडरग्राउंड साइबर कम्युनिटी से जुड़े हैं। “स्कैटर्ड लैप्सस हंटर्स” कई कुख्यात हैकिंग ग्रुप्स साइनी हंटर्स, लैप्सस और स्कैटर्ड स्पाइडर्स का मेल है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरोह JLR से फिरौती वसूलने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, अब तक कस्टमर डेटा चोरी या मैलवेयर इंस्टॉलेशन की पुष्टि नहीं हुई है।
डेटा चोरी का ठोस सबूत नहीं
साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स के अनुसार, हैकर्स कई बार अपनी क्षमताओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हैं। अब तक इनके द्वारा साझा की गई सिर्फ दो तस्वीरें मिली हैं एक कार चार्जिंग समस्या से जुड़ी इंटरनल गाइडलाइन और दूसरी कंप्यूटर लॉग्स। ये तस्वीरें इंटरनल एक्सेस का संकेत देती हैं, लेकिन डेटा चोरी का पुख्ता सबूत नहीं हैं।
कंपनी की प्रतिक्रिया
JLR ने कहा है कि वह साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञों, NCSC और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर 24 घंटे काम कर रही है ताकि सुरक्षित तरीके से उत्पादन बहाल किया जा सके।
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संकट की टाइमलाइन
- 31 अगस्त: JLR साइबर अटैक की चपेट में आया।
- 2 सितंबर: सिस्टम बंद करने की घोषणा।
- 10 सितंबर: कंपनी ने कहा कि वैश्विक एप्लिकेशन को दोबारा शुरू करने के प्रयास जारी हैं।
- 16 सितंबर: उत्पादन विराम 24 सितंबर तक बढ़ा।
- 23 सितंबर: घोषणा हुई कि उत्पादन 1 अक्टूबर तक स्थगित रहेगा।
ध्यान दें
यह साइबर हमला न केवल JLR की आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर रहा है, बल्कि ऑटोमोबाइल सेक्टर में साइबर सुरक्षा की गंभीर चुनौतियों को भी उजागर करता है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि कंपनी किस तरह इस संकट से बाहर निकलती है।
