

नवभारत ऑटोमोबाइल डेस्क: 20 जनवरी को डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका के नए राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने से पहले, भारत की भारी उद्योग मंत्रालय (Ministry of Heavy Industries) ने इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) पॉलिसी पर चर्चा के लिए टेस्ला के सीईओ एलन मस्क और दुनिया भर की ईवी मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को आमंत्रित किया है। यह चर्चा भारत में इलेक्ट्रिक पैसेंजर कारों की मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और नई गाइडलाइंस तय करने के उद्देश्य से की जा रही है।
भारत सरकार ने टेस्ला के साथ पुरानी साझेदारी को पुनर्जीवित करने की ओर कदम बढ़ाया है। हालांकि, टेस्ला की भारत में इन्वेस्टमेंट योजना लंबे समय से रुकी हुई है, लेकिन अब इसे फिर से चर्चा में लाया जा सकता है। वियतनाम की विनफास्ट कंपनी ने पहले ही भारत में निवेश की इच्छा जाहिर की है।
इस बैठक में ईवी पॉलिसी के कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा होगी।
ईवी पॉलिसी का मकसद भारत में ग्लोबल और घरेलू इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण को बढ़ावा देना है। यह नीति प्रोडक्शन से जुड़ी सुविधाओं और इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए डिजाइन की गई है।
इस चर्चा में टेस्ला, हुंडई, बीएमडब्ल्यू, मर्सिडीज-बेंज, किआ, टोयोटा और रेनॉल्ट-निसान जैसी ग्लोबल ईवी कंपनियां हिस्सा लेंगी। भारतीय कंपनियों में टाटा मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा और मारुति सुजुकी भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगी।