अब 31 अक्टूबर तक ही मिलेगा पुराने वाहनों को पेट्रोल-डीजल, 1 नवंबर से लागू होगी "No Fuel Policy"

Petrol Diesel Ban: Delhi-NCR में वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब 31 अक्टूबर 2025 तक ही पुराने वाहनों को पेट्रोल और डीजल उपलब्ध कराया जाएगा।
अब 31 अक्टूबर तक ही मिलेगा पुराने वाहनों को पेट्रोल-डीजल, 1 नवंबर से लागू होगी "No Fuel Policy"
पुरानी गाड़ियों के लिए आई परेशानी। (सौ. Pixabay)
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Old Vehicles Delhi Rules: Delhi-NCR में वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब 31 अक्टूबर 2025 तक ही पुराने वाहनों को पेट्रोल और डीजल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद 1 नवंबर से यह पॉलिसी न सिर्फ दिल्ली बल्कि गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा), गुरुग्राम और सोनीपत सहित पूरे NCR में लागू होगी। यह फैसला वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की हालिया बैठक में लिया गया है।

किन वाहनों पर लगेगा प्रतिबंध?

"नो फ्यूल पॉलिसी" के तहत ऐसे वाहन, जिनकी निर्धारित उम्र पूरी हो चुकी है:

  • 10 साल से पुराने डीजल वाहन
  • 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहन

इन वाहनों को फ्यूल स्टेशनों पर पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा। सरकार का मानना है कि फ्यूल न मिलने की स्थिति में ये वाहन खुद-ब-खुद सड़कों से हट जाएंगे। इससे दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।

किन-किन जिलों में होगी शुरुआत?

CAQM के दिशा-निर्देश (Direction 89) के तहत 1 नवंबर से यह पॉलिसी लागू होगी:

  • दिल्ली
  • गुरुग्राम
  • फरीदाबाद
  • गाजियाबाद
  • सोनीपत
  • गौतम बुद्ध नगर (नोएडा)

इन सभी जिलों में पुराने वाहनों को न केवल फ्यूल से वंचित किया जाएगा, बल्कि नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई और निगरानी भी की जाएगी।

क्यों लिया गया यह फैसला?

CAQM ने साफ किया है कि इस पॉलिसी को स्थगित करना किसी तरह की राहत नहीं, बल्कि तैयारी का अतिरिक्त समय देना था। दरअसल, तकनीकी और प्रैक्टिकल चुनौतियों को देखते हुए सरकार और एजेंसियों को सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए कुछ और समय चाहिए था।

पहले भी लागू हो चुका है नियम

1 जुलाई 2025 से दिल्ली में पुराने वाहनों को पेट्रोल-डीजल देना बंद कर दिया गया था। उस समय नियम तोड़ने पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना भी लगाया गया। हालांकि, वाहन मालिकों के विरोध और व्यवस्था की कमियों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने सुझाव दिया कि यह पॉलिसी पूरे एनसीआर में एकसाथ लागू हो। दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने CAQM को पत्र लिखकर नीति को 1 नवंबर तक स्थगित करने का औपचारिक अनुरोध किया था, जिसे मंजूरी दे दी गई।

ध्यान दें

इस कदम से उम्मीद की जा रही है कि दिल्ली-एनसीआर की सड़कों से पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहन हटेंगे, जिससे वायु प्रदूषण में कमी आएगी और हवा की गुणवत्ता बेहतर होगी।

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