गाड़ी की सर्विस हुई महंगी, मिडिल क्लास की जेब पर पड़ा युद्ध का सीधा असर
Lubricant Price Hike: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का असर अब ल्यूब्रिकेंट्स जैसे इंजन ऑयल, गियर ऑयल और ग्रीस की कीमतों पर भी हो रहा है। जिसमें इनकी कीमतों में 35 से 40 फीसदी का उछाल आया है।
- Written By: सिमरन सिंह
Lubricant Oil (Source. Freepik)
Oil Price Increase: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का असर अब सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका सीधा प्रभाव आम लोगों की जेब पर दिखने लगा है। खासकर मिडिल क्लास परिवारों के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं है। कच्चे तेल के आयात में कमी आने के कारण अब ल्यूब्रिकेंट्स जैसे इंजन ऑयल, गियर ऑयल और ग्रीस की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है। इन उत्पादों की कीमतें बढ़ने का सीधा असर वाहन मालिकों पर पड़ रहा है, क्योंकि गाड़ियों की सर्विसिंग अब पहले से कहीं ज्यादा महंगी हो गई है।
जयपुर में 40% तक बढ़े ल्यूब्रिकेंट्स के दाम
अगर पिंक सिटी जयपुर की बात करें, तो यहां ल्यूब्रिकेंट्स आइटम्स के दामों में 35 से 40 फीसदी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इंजन ऑयल, मोबिल ऑयल, गियर ऑयल और ग्रीस सभी महंगे हो गए हैं।
इसका सीधा असर दोपहिया और चारपहिया वाहनों की सर्विसिंग पर पड़ा है। जहां पहले कम खर्च में गाड़ी की सर्विस हो जाती थी, अब वही काम करवाने के लिए लोगों को ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
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आखिर क्यों बढ़ रहे हैं दाम?
दरअसल, ल्यूब्रिकेंट्स का निर्माण कच्चे तेल से होता है, जो मुख्य रूप से मिडिल ईस्ट और खाड़ी देशों से आयात किया जाता है। युद्ध के चलते इन क्षेत्रों से कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे उत्पादन घट गया है।
इसके अलावा, कुछ स्थानों पर कालाबाजारी के लिए स्टॉक जमा करने की भी आशंका जताई जा रही है। इन सभी कारणों से महज एक महीने में ही कीमतों में भारी उछाल आया है और बिक्री में करीब 40 फीसदी तक गिरावट दर्ज की गई है।
दुकानदारों की मजबूरी, ग्राहकों की परेशानी
जयपुर के 22 गोदाम इलाके में दुकान चलाने वाले राजेंद्र लखानी ने अपनी दुकान पर एक पोस्टर लगा रखा है, जिसमें साफ लिखा है कि ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के कारण कीमतें बढ़ गई हैं।
पोस्टर में लिखा है, “वह ग्राहक को अपना भगवान मानते हैं। उसे कतई नाराज नहीं करना चाहते हैं, लेकिन युद्ध की वजह से ज्यादा दाम पर सामान बेचना उनकी मजबूरी है।” यह भावुक संदेश न सिर्फ दुकानदारों की मजबूरी दिखाता है, बल्कि ग्राहकों की बढ़ती परेशानी को भी उजागर करता है।
आम आदमी पर बढ़ता आर्थिक दबाव
वाहनों की सर्विसिंग के लिए आने वाले ग्राहकों का कहना है कि जब जरूरी सामान ही महंगे मिलेंगे, तो सर्विसिंग का खर्च बढ़ना तय है। इसका सीधा असर आम आदमी के मासिक बजट पर पड़ रहा है।
ध्यान देंने वाली बात
मिडिल ईस्ट का यह युद्ध अब ग्लोबल इकोनॉमी के साथ-साथ आम भारतीय की जिंदगी को भी प्रभावित कर रहा है। आने वाले समय में अगर हालात नहीं सुधरे, तो महंगाई का यह बोझ और बढ़ सकता है।
