सांकेतिक तस्वीर
High Tech AI cars in india: दिल्ली में आयोजित AI समिट में ऐसी अत्याधुनिक तकनीकों की झलक देखने को मिली, जो यह संकेत देती हैं कि आने वाले समय में हमारी रोजमर्रा की जिंदगी किस तरह बदलने वाली है। खासतौर पर ऑटोमोबाइल सेक्टर में पेश की गई नई तकनीकें यह बताती हैं कि भविष्य की कारें केवल वाहन नहीं, बल्कि एक स्मार्ट साथी की तरह काम करेंगी।
सबसे दिलचस्प तकनीक है वॉयस-कंट्रोल्ड ड्राइविंग सिस्टम। अभी तक कार चलाने के लिए स्टेयरिंग, ब्रेक और एक्सेलरेटर पर निर्भर रहना पड़ता है, लेकिन नई एआई तकनीक के जरिए कार आपकी आवाज़ के निर्देशों पर चल सकेगी। आपको सिर्फ यह कहना होगा कि कार को बाएं जाना है, दाएं मुड़ना है या सीधे आगे बढ़ना है, और वाहन उसी अनुसार मूव करेगा। इससे ड्राइविंग और भी सहज और सुविधाजनक हो जाएगी।
फॉग यानी घने कोहरे के दौरान ड्राइविंग हमेशा चुनौतीपूर्ण रहती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए ऐसी प्रणाली विकसित की गई है, जो कोहरे में भी आगे चल रहे वाहनों की संख्या और उनसे सुरक्षित दूरी की सटीक जानकारी देगी। यह तकनीक सेंसर और एआई विश्लेषण की मदद से काम करती है, जिससे ड्राइवर को बेहतर विज़िबिलिटी और समय रहते चेतावनी मिल सके। इससे सड़क हादसों की आशंका काफी कम हो सकती है।
ड्राइविंग के दौरान झपकी आना एक गंभीर समस्या है। नई एआई-आधारित फेसियल रिकग्निशन प्रणाली ड्राइवर के चेहरे के हाव-भाव और आंखों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखेगी। जैसे ही सिस्टम को थकान या नींद के संकेत मिलेंगे, वह तुरंत अलर्ट जारी करेगा। यदि ड्राइवर फिर भी प्रतिक्रिया नहीं देता, तो कार अपने आप सुरक्षित स्थान पर साइड में पार्क हो जाएगी। यह फीचर यात्रियों की सुरक्षा को एक नया आयाम देता है।
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वाहन चोरी रोकने के लिए भी उन्नत बायोमैट्रिक सिस्टम पेश किया गया है। इस तकनीक के तहत ड्राइवर को कार स्टार्ट करने से पहले बायोमैट्रिक सत्यापन से गुजरना होगा। केवल अधिकृत व्यक्ति ही वाहन चालू कर सकेगा, जिससे चोरी की संभावना लगभग खत्म हो जाती है। कुल मिलाकर, AI की ये नई तकनीकें यह स्पष्ट करती हैं कि भविष्य की कारें अधिक सुरक्षित, स्मार्ट और उपयोगकर्ता-अनुकूल होने जा रही हैं।