ईरान पर अमेरिका का हमला, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

ईरान पर अमेरिका का भीषण हमला, एयरस्ट्राइक में एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और पुल तबाह, मची अफरा-तफरी

US Strikes Iran: अमेरिका ने ईरान के रणनीतिक ठिकानों पर रात भर घातक हवाई हमले किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इस सैन्य कार्रवाई के दौरान ईरान के हवाई अड्डे और बंदर अब्बास रेलवे स्टेशन को निशाना बनाया गया।

अमन उपाध्याय

US Strikes Iran Bandar Abbas: मीडिल ईस्ट में जारी तनाव अब एक बेहद खतरनाक और विध्वंसक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के दक्षिणी और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर रात भर भीषण हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में बंदर अब्बास जैसे प्रमुख बंदरगाह शहर और होर्मुज के पास स्थित महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया गया है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, हमलों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि दूर-दराज के इलाकों में भी धमाकों की गूंज सुनी गई।

रेलवे स्टेशन पर बमबारी

अमेरिकी मिसाइलों ने दक्षिणी ईरान के एक प्रमुख हवाई अड्डे और बंदर अब्बास रेलवे स्टेशन को निशाना बनाया। ईरानी सरकारी टीवी चैनल के मुताबिक, दक्षिण-पूर्व में स्थित ईरानशहर हवाई अड्डे के पास तीन जोरदार विस्फोट हुए, जिनमें से कम से कम एक गोला सीधे हवाई अड्डे के परिसर में गिरा।

इसके अलावा, बंदर अब्बास में हुए हमले में करीब 2 लोगों के मौत की खबर है और 8 लोग घायल बताए जा रहे हैं। इन हमलों ने ईरान के परिवहन और रसद नेटवर्क को भारी नुकसान पहुंचाया है।

होर्मुज के पास पुल तबाह

रणनीतिक रूप से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण जलमार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास स्थित पुलों पर भी हमला किया गया। ईरानी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, होर्मोजगान प्रांत में दो पुलों पर हुई बमबारी में दो लोगों की मौत हो गई और चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

अमेरिकी सैन्य कमान (CENTCOM) ने इन कार्रवाइयों की पुष्टि करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को और अधिक कमजोर करना है। CENTCOM ने एक आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई ईरान के सैन्य ठिकानों को पंगु बनाने की एक नई श्रृंखला का हिस्सा है।

युद्ध के बीच गुप्त वार्ता की सुगबुगाहट

जहां एक ओर आसमान से मिसाइलें बरस रही हैं, वहीं दूसरी ओर कूटनीतिक गलियारों से चौंकाने वाली खबरें आ रही हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने एक प्रेस ब्रीफिंग में संकेत दिया कि अमेरिका और ईरान के बीच पर्दे के पीछे गुप्त वार्ताएं जारी हैं।

लेविट ने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य हमलों से हो रहे भारी और विनाशकारी नुकसान के कारण ईरान अब समझौता करने की इच्छा जता रहा है। सैन्य टकराव और कूटनीति के एक साथ चलने के इस दावे ने अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों को हैरान कर दिया है।

पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिश

क्षेत्रीय शांति को बहाल करने के लिए पाकिस्तान का विदेश मंत्रालय भी सक्रिय हो गया है। गुरुवार को जारी एक बयान में पाकिस्तान ने कहा कि वे अमेरिका और तेहरान को बातचीत की मेज पर लाने की लगातार कोशिश कर रहे हैं, हालांकि मौजूदा तनावपूर्ण माहौल में ऐसा करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ये गुप्त वार्ताएं युद्ध को थामने में सफल होंगी या संघर्ष और अधिक उग्र रूप लेगा।

IMD Alert: बंगाल की खाड़ी में नया लो प्रेशर बनने के आसार, दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

अंग्रेजों के उड़े होश जब नेताजी ने बनाई अपनी सरकार, जानिए 1943 का वो प्लान, जिसने बदला देश का इतिहास

जिस जनसंघ की कोख से निकली आज की BJP, उसका महाराष्ट्र और RSS से क्या था असली कनेक्शन?

ये हैं जनसंघ के खत्म होने के 3 असली कारण, आपातकाल में लिखी गयी थी पटकथा, फिर हुआ सबसे ताकतवर पार्टी का जन्म

सरकार पर प्रियंका गांधी का वार, बोली बेरोजगारी और महंगाई रूपी रावण से जूझ रही जनता