ED Arrest Karumuri Venkata Nageswara Rao: आंध्र प्रदेश के बहुचर्चित शराब परिवहन घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक करुमुरी वेंकट नागेश्वर राव को गिरफ्तार कर लिया है। पीएमएलए के तहत हुई गिरफ्तारी के बाद उन्हें हैदराबाद की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
ईडी का आरोप है कि एपीएसबीसीएल के शराब परिवहन टेंडर में हेरफेर कर सरकारी खजाने को 195.33 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया गया और राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर अवैध कमाई की गई।
ईडी ने यह जांच आंध्र प्रदेश सरकार के अतिरिक्त सचिव (सतर्कता) की शिकायत पर सीआईडी, आंध्र प्रदेश द्वारा आईपीसी और बीएनएस की विभिन्न धाराओं में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। यह मामला एपीएसबीसीएल शराब परिवहन घोटाले में सरकारी खजाने को 195.33 करोड़ रुपए के नुकसान से जुड़ा है।
ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि आंध्र प्रदेश राज्य बेवरेजेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एपीएसबीसीएल) के शराब परिवहन टेंडर की शर्तों को जानबूझकर कुछ चुनिंदा कंपनियों के फायदे के लिए बदला गया था।
ये कंपनियां मेसर्स सिग्मा सप्लाई चेन सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड (एसएससीएसपीएल) और बाद में मेसर्स प्रसाद ट्रांसपोर्ट्स थीं। ईडी के अनुसार, ये कंपनियां केवल फ्रंट कंपनियां थीं, जबकि असल ऑपरेशनल और वित्तीय नियंत्रण केसिरेड्डी राजा शेखर रेड्डी, डोंटीरेड्डी वासुदेवा रेड्डी और उनके सहयोगियों के पास था।
जांच में पता चला कि शराब कार्टेल ने डिपो से रिटेल आउटलेट तक शराब परिवहन के जरिए गैर-कानूनी कमाई का तरीका बनाया था। केसिरेड्डी राजा शेखर रेड्डी, तुकेकुला ईश्वर किरण कुमार रेड्डी और अंजनी कुमार ने एपीएसबीसीएल के तत्कालीन मैनेजिंग डायरेक्टर डोंटीरेड्डी वासुदेवा रेड्डी के साथ मिलकर प्रचलित दरों से काफी ज्यादा दरों पर टेंडर हासिल किया।
एसएससीसीएसपीएल का इस्तेमाल टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने और हेरफेर कर कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए किया गया, जबकि असल काम तुकेकुला ईश्वर किरण कुमार रेड्डी ने केसिरेड्डी राजा शेखर रेड्डी की देखरेख में किया।
ईडी के अनुसार, करुमुरी वेंकट नागेश्वर राव और उनके बेटे करुमुरी सुनील कुमार ने अपने राजनीतिक रसूख और सिंडिकेट सदस्यों के साथ करीबी संबंधों का फायदा उठाकर सब-कॉन्ट्रैक्ट के आवंटन पर नियंत्रण किया और बड़ी गैर-कानूनी कमाई की।
उन्होंने मेसर्स सुदर्शन कंस्ट्रक्शन्स को एसएससीएसपीएल के डमी सब-कॉन्ट्रैक्टर के तौर पर खड़ा किया, जबकि असल ट्रांसपोर्ट दूसरी कंपनियों ने किया। इस कंपनी ने एसएससीएसपीएल को बढ़ा-चढ़ाकर इनवॉइस भेजकर फंड अपने खाते में डायवर्ट किया, जिसे बाद में राव और उनके परिवार के निजी खातों में ट्रांसफर कर दिया गया।
इस काली कमाई से लग्जरी गाड़ियां, महंगी घड़ियां, अचल संपत्ति के लिए एडवांस पेमेंट और राजनीतिक फंडिंग की गई। इससे पहले ईडी ने 11 जून को केसिरेड्डी राजा शेखर रेड्डी और डोंटीरेड्डी वासुदेवा रेड्डी को और 18 जून को करुमुरी सुनील कुमार को गिरफ्तार किया था। 6 अगस्त को 37.79 करोड़ की संपत्ति अटैच की गई थी और 7 अगस्त को पहली अभियोजन शिकायत दायर की गई थी।