'बॉस कौन है नेतन्याहू जानते हैं', मुलाकात से पहले ट्रंप का इजरायली PM पर तीखा तंज; White House में जल्द बैठक

Trump Netanyahu White House Meeting: डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि बेंजामिन नेतन्याहू ने व्हाइट हाउस में मुलाकात की गुजारिश की है। ट्रंप ने तंज कसते हुए कहा कि नेतन्याहू जानते हैं 'बॉस' कौन है।
'Netanyahu knows who the boss is': Trump's sharp dig at the Israeli PM ahead of their meeting; meeting at the White House soon.
डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Trump Netanyahu White House Meeting Middle East Policy: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच रिश्तों की कड़वाहट अब सार्वजनिक बयानों में तब्दील होती दिख रही है। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने उनसे व्हाइट हाउस में मुलाकात करने की विशेष गुजारिश की है।

इस खबर के सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है, खासकर ट्रंप द्वारा दिए गए उस बयान को लेकर जिसमें उन्होंने नेतन्याहू को उनकी हैसियत याद दिलाने की कोशिश की है।

'नेतन्याहू को पता है बॉस कौन है'

शनिवार को दिए गए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने अपने चिर-परिचित अंदाज में शक्ति प्रदर्शन करते हुए कहा कि इजराइल से हमारे संबंध बहुत अच्छे हैं। हालांकि, इसके तुरंत बाद उन्होंने अपनी ओर इशारा करते हुए एक बेहद तीखा बयान दिया। ट्रंप ने कहा कि नेतन्याहू अच्छी तरह 'जानते हैं कि बॉस कौन है'।

उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों नेताओं के बीच कई वैश्विक और सैन्य मुद्दों पर मतभेद की खबरें लगातार सुर्खियां बटोर रही हैं।

कब और कहां हो सकती है मुलाकात?

ट्रंप के मुताबिक, यह प्रस्तावित मुलाकात अगले हफ्ते व्हाइट हाउस में हो सकती है। यह बैठक ट्रंप के NATO समिट से लौटने के बाद आयोजित होने की संभावना है। हालांकि, इजरायली अधिकारियों ने इस समयसीमा को लेकर कुछ संशय जताया है।

एक इजरायली अधिकारी का कहना है कि ट्रंप का कार्यक्रम काफी व्यस्त है, जिसमें 7-8 जुलाई को तुर्की का दौरा भी शामिल है, इसलिए यह मुलाकात अगले के बजाय उसके बाद वाले हफ्ते में हो सकती है। अगर यह दौरा होता है, तो यह फरवरी में व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में हुई उनकी पिछली मुलाकात के बाद पहली औपचारिक बैठक होगी।

मतभेदों की गहरी होती खाई

भले ही ट्रंप अच्छे संबंधों का दावा कर रहे हों, लेकिन अंदरूनी रिपोर्टें कुछ और ही कहानी बयां करती हैं। सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप के करीबी सलाहकार नेतन्याहू की हालिया नीतियों को लेकर काफी संशय में हैं।

रिपोर्टों में दावा किया गया है कि पिछले महीने एक फोन कॉल के दौरान ट्रंप ने लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाई को लेकर नेतन्याहू की कड़ी आलोचना की थी और उन्हें 'पागल' तक कह दिया था। इतना ही नहीं, ट्रंप ने नेतन्याहू की आपत्तियों को दरकिनार करते हुए ईरान के साथ सीजफायर बढ़ाने और नई परमाणु वार्ता शुरू करने के लिए एक मेमोरेंडम पर हस्ताक्षर भी किए हैं।

ईरान मुद्दे पर ट्रंप का दावा

इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि ईरान बातचीत फिर से शुरू करने के लिए बेताब है और 'गिड़गिड़ा' रहा है। ट्रंप ने यह भी कहा कि वह ईरान के घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं।

नेतन्याहू के साथ होने वाली इस संभावित बैठक में ईरान और लेबनान के मुद्दे सबसे ऊपर रहने की उम्मीद है, जहां ट्रंप इजराइल को अपने ऑपरेशन्स सीमित करने के लिए दबाव डाल सकते हैं।

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