अमेरिका ने ईरान से मांगी Strait Of Hormuz से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही की गारंटी, ओमान में अहम बातचीत

Strait Of Hormuz: अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं। ईरान और अमेरिका के बीच ओमान में शांति वार्ता की तैयारियां चल रही हैं।
Strait Of Hormuz: US Seeks Safe Passage Guarantee From Iran Amid Tensions
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Strait Of Hormuz Safe Passage: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के दौरान कूटनीतिक बातचीत तेज हो गई है। अमेरिका चाहता है कि ईरान इस समुद्री मार्ग से सभी जहाजों की सुरक्षित आवाजाही की सार्वजनिक गारंटी दे। इसी सिलसिले में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची शनिवार को ओमान पहुंचे हैं। ओमान इस विवाद में शांति स्थापित करने के लिए मध्यस्थ की बड़ी भूमिका निभा रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक दोनों देशों के बीच बातचीत जारी रखने पर सहमति बनी है। हालांकि ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया है कि दोनों के बीच लागू युद्धविराम अब पूरी तरह समाप्त हो चुका है। पिछले कुछ दिनों में किसी नए हमले की कोई भी खबर सामने नहीं आई है। एक वरिष्ठ ईरानी सूत्र ने बताया कि ईरान, अमेरिका, कतर और पाकिस्तान में बातचीत की रूपरेखा तय हुई है।

संभावित वार्ता और प्रतिनिधि

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, मार्को रुबियो, स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर संभावित वार्ता में शामिल होंगे। हालांकि ईरान की समाचार एजेंसी फार्स ने कहा है कि जब तक अमेरिका अपना रुख नहीं बदलता, कोई भी औपचारिक वार्ता नहीं होगी। अमेरिका को अपनी पुरानी नीतियों में बड़ा बदलाव करना होगा।

हालिया भारी सैन्य टकराव

इस सप्ताह कतर और सऊदी अरब के 3 तेल टैंकरों पर हमले के बाद समुद्री तनाव बहुत बढ़ गया था। इसके जवाब में अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर अपनी बड़ी सैन्य कार्रवाई की थी। इस कार्रवाई के पलटवार में ईरान ने भी खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को अपना निशाना बनाया।

युद्धविराम उल्लंघन का आरोप

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने अमेरिका पर युद्धविराम समझौते का सीधा उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि समझौते का पालन दोनों पक्षों को समान रूप से करना ही होगा। हालांकि ईरान ने जहाजों पर हुए हालिया हमलों की जिम्मेदारी आधिकारिक तौर पर नहीं ली है।

तेल बाजार पर भारी असर

होर्मुज में बढ़ते तनाव का सीधा असर वैश्विक तेल बाजार पर बहुत बुरी तरह से पड़ा है। कच्चे तेल की कीमतों में पिछले 8 सप्ताह की सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह स्थिति अमेरिकी उपभोक्ताओं और पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था दोनों के लिए बहुत ही चिंता का विषय बन गई है।

20 प्रतिशत तेल की आपूर्ति

अमेरिका चाहता है कि ईरान सार्वजनिक घोषणा करे कि जहाजों पर हमले बंद होंगे और कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। युद्ध से पहले दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल की भारी आपूर्ति इसी समुद्री रास्ते से होती थी। अमेरिका इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को पूरी तरह से खुला और सुरक्षित रखना चाहता है।

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