अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया)
विदेश

चुनाव हारते ही ट्रंप ने इजरायल से खींचे हाथ, 4 बिलियन डॉलर की मदद पर लगाया रोक, ईरान युद्ध पर भी मारी पलटी

Donald Trump Iran War: मध्यावधि चुनाव में हार के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सुर बदले। उन्होंने ईरान पर हमला न करने और इजरायल की आर्थिक मदद रोकने का ऐलान किया।

अक्षय साहू

Highlights:

मध्यावधि चुनाव के बाद ट्रंप ने ईरान पर हमले की योजना नकारी

अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के साथ शांति वार्ता करने के संकेत दिए

ट्रंप ने रिपब्लिकन पार्टी की चुनावी हार के लिए ईरान युद्ध जिम्मेदार ठहराया

US Midterm Elections Results 2026: अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है। विपक्षी पार्टी डेमोक्रेट्स ने कांग्रेस के दोनों सदनों में बहुमत हासिल कर लिया है। इसी बीच ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान पर हमला करने की कोई योजना नहीं है। दोनों देश मामले को शांति से हल करेंगे। 

ट्रंप ने 3 नवंबर को मध्यावधि चुनाव के मतदान होने से पहले संकेत दिए थे कि वह चुनाव के बाद ईरान पर एक बड़ा हमला कर सकते हैं। यहां तक कि प्रचार के आखिरी दिन 2 नवंबर को ईरान के केशम द्वीप पर हमला मिसाइलें दागी थीं। लेकिन मध्यावधि चुनाव में मिली हार के बाद ट्रंप के सुर अचानक पूरी तरह बदल गए हैं और अब वह वार्ता के जरिए मामला सुलझाने की बात कर रहे हैं। 

चुनाव में हार के बाद ट्रंप ने क्या कहा?

फाइनेंशियल टाइम्स से बात करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान पर हमला करने की अब कोई योजना नहीं है। उनका यह बयान मध्यावधि चुनाव के नतीजे सामने आने के तुरंत बाद आया। ट्रंप ने कहा कि ईरान पर हमले की कोई योजना नहीं है। दोनों देशों के बीच अच्छी वार्ता होगी। हम जल्द ही इसकी तारीख तय करेंगे।

इजरायल को मिलने वाली मदद पर रोक

ट्रंप ने इससे पहले इजरायल को मिलने वाली सालाना 4 बिलियन डॉलर की मदद पर भी रोक लगाने का ऐलान किया। ट्रंप ने बताया कि उन्हें इस फैसले की जानकारी इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को दे दी है। ट्रंप ने कहा कि इजरायल को हम आगे से कोई आर्थिक मदद नहीं देंगे। हालांकि, हम उसे हथियार बेच सकते हैं। 

मतदान से पहले किया था केशम पर हमला

सोमवार को अमेरिका ने ईरान के केशम द्वीप पर हमला किया था। यह सैन्य कार्रवाई मध्यावधि चुनाव के लिए मतदान से ठीक पहले की गई थी। हालांकि, इस हमले का ट्रंप की पार्टी को कोई चुनावी फायदा मिलता नजर नहीं आया।

मध्यावधि चुनाव में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को कांग्रेस और सीनेट, दोनों में बड़ा झटका लगा। ताजा आकलन के मुताबिक, सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी की स्थिति कमजोर पड़ सकती है, जबकि प्रतिनिधि सभा (कांग्रेस) में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी का कब्जा होने के आसार हैं। इसके अलावा पिछले 50 साल में यह पहली बार हुआ है जब एक ही चुनाव में अमेरिकी संसद के दोनों सदनों के बहुमत में परिवर्तन हुआ हो।

ईरान पर फोड़ा हार का ठीकरा

एक अन्य इंटरव्यू में ट्रंप ने मध्यावधि चुनाव में हार का ठीकरा ईरान पर फोड़ा। मंगलवार की देर रात उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि रिपब्लिकन पार्टी की हार के लिए काफी हद तक ईरान युद्ध जिम्मेदार है।

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