

Highlights
इजरायल चुनाव के एग्जिट पोल में विपक्षी गठबंधन को 52-53 सीटें मिलने का अनुमान।
नेतन्याहू के गठबंधन को करीब 50 सीटें, लिकुड सबसे बड़ी एकल पार्टी बन सकती है।
अरब पार्टियों को 17-18 सीटें मिलने का अनुमान, सरकार गठन में भूमिका अहम।
Israel Election 2026 Exit Polls: इजरायल में मंगलवार को हुए आम चुनाव के शुरुआती एग्जिट पोल में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाले गठबंधन को विपक्ष से पीछे दिखाया गया है। देश में 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमास के हमले के बाद पहली बार आम चुनाव हुए हैं।
इस चुनाव में दशकों के मुकाबले अधिक मतदान दर्ज किया गया। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइजेनकोट के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन को मामूली बढ़त मिली है। वहीं, अरब पार्टियों ने भी अपनी सीटें बढ़ाने के संकेत दिए हैं, जिससे नई सरकार के गठन में उनकी भूमिका अहम हो सकती है।
इजरायल के प्रमुख टीवी चैनलों 11, 12 और 13 के एग्जिट पोल के अनुसार, विपक्षी गठबंधन को 52 से 53 सीटें मिलने का अनुमान है। वहीं, नेतन्याहू के गठबंधन को करीब 50 सीटें मिल सकती हैं। हालांकि, उनकी पार्टी लिकुड 24 से 25 सीटों के साथ संसद में सबसे बड़ी एकल पार्टी बनकर उभर सकती है।
इजरायल की 120 सदस्यीय संसद में बहुमत के लिए 61 सीटों की जरूरत होती है। ऐसे में किसी भी गठबंधन को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने पर सरकार बनाने के लिए राजनीतिक दलों के बीच बातचीत लंबी खिंच सकती है।
चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में नेतन्याहू ने इजरायल के अरब मतदाताओं की भागीदारी को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अरब मतदाता चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। उनकी पार्टी ने चुनाव अधिकारियों से रात 10 बजे के बाद भी मतदान जारी रखने की मांग की, लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया गया।
नेतन्याहू ने अपने समर्थकों से कहा कि यह लड़ाई वामपंथी और अरब पार्टियों के हाथों में नहीं छोड़ी जा सकती, जो उनके मुताबिक यहूदी राष्ट्र के स्वरूप को बदलना चाहती हैं। दूसरी ओर, विपक्ष ने आरोप लगाया कि नेतन्याहू चुनाव परिणामों को चुनौती देने के लिए पहले से आधार तैयार कर रहे हैं।
शाम आठ बजे तक देशभर में करीब 75 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, यह कई दशकों में सबसे अधिक मतदान में से एक है।
इजरायल की राजनीति में अरब मतदाताओं और पार्टियों की भूमिका इस बार खास चर्चा में रही। शुरुआती एग्जिट पोल के अनुसार, दो अरब पार्टियों को मिलाकर 17 से 18 सीटें मिलने का अनुमान है। वर्ष 2022 के पिछले चुनाव में इन पार्टियों को कुल 10 सीटें मिली थीं।
यूनाइटेड अरब लिस्ट के प्रमुख मंसूर अब्बास ने नेतन्याहू पर झूठ बोलने और भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाया। यदि चुनाव परिणामों में मुकाबला करीबी रहता है, तो अब्बास की पार्टी सरकार गठन के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
चुनाव अधिकारियों के अनुसार, दक्षिणी इजरायल में मतदाताओं को रिश्वत देने की कोशिश के मामले में कुछ लोगों को पकड़ा गया है। हालांकि, अधिकारियों ने इसे स्थानीय स्तर का मामला बताया और जांच जारी होने की बात कही।
इजरायल में यह चुनाव 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले और उसके बाद शुरू हुए क्षेत्रीय संघर्षों की पृष्ठभूमि में हुआ। गाजा में इजरायली सैन्य अभियान, ईरान के साथ युद्ध, पश्चिमी तट पर बस्तियों का विस्तार और हिंसा चुनाव प्रचार के प्रमुख मुद्दे रहे।
नेतन्याहू करीब दो दशकों से इजरायल की राजनीति के केंद्र में हैं। उन्हें गाजा से जुड़े मामले में अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) के गिरफ्तारी वारंट का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, उनके खिलाफ इजरायल में भ्रष्टाचार के मामले भी चल रहे हैं।
उनके प्रमुख प्रतिद्वंद्वी गादी आइजेनकोट पूर्व सैन्य प्रमुख हैं। उन्होंने मतदान के बाद नेतन्याहू सरकार को बदलने की अपील की। आइजेनकोट के बेटे गैल की गाजा में लड़ाई के दौरान मौत हो गई थी।