Indian Railway: 18 ट्रेनों का सुपरफास्ट दर्जा खत्म, यूपी-बिहार के ट्रेनों का किराया होगा सस्ता, देखें लिस्ट

UP Bihar Train: रेलवे 1 जनवरी 2027 से 18 ट्रेनों का सुपरफास्ट दर्जा खत्म करेगा। अब ये सामान्य एक्सप्रेस बनेंगी और यात्रियों को टिकट किराये में राहत मिलेगी।
Indian Railway Revoked Superfast Status UP Bihar Train
भारतीय ट्रेन की फोटो।सोर्स: सोशल मीडिया
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Highlights:

  • नए साल से 18 ट्रेनों का सुपरफास्ट दर्जा होगा खत्म।

  • पूर्णागिरि जनशताब्दी, सप्तक्रांति और श्रमजीवी एक्सप्रेस भी शामिल।

  • यात्रियों को क्लास के हिसाब से 30 से 75 रुपये तक की बचत होगी।

Indian Railway Superfast Train Status Revoked: भारतीय रेलवे नए साल से ट्रेनों के संचालन में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। 1 जनवरी 2027 से देश की 18 ट्रेनों का सुपरफास्ट दर्जा खत्म कर दिया जाएगा। इसके बाद ये ट्रेनें सुपरफास्ट की जगह सामान्य एक्सप्रेस के रूप में चलाई जाएंगी। इस सूची में पूर्णागिरि जनशताब्दी, सप्तक्रांति और बिहार की श्रमजीवी एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं। दर्जा बदलने के साथ ही इन ट्रेनों के नंबर (Train Number) भी बदल जाएंगे।

इस फैसले का सीधा फायदा यात्रियों को टिकट बुकिंग के दौरान मिलेगा। दरअसल, सुपरफास्ट ट्रेनों में सामान्य किराये के अलावा अतिरिक्त सुपरफास्ट चार्ज भी देना पड़ता है। लेकिन सामान्य एक्सप्रेस बनने के बाद यात्रियों को यह अतिरिक्त शुल्क नहीं चुकाना होगा। इससे अलग-अलग श्रेणियों में सफर करने वाले यात्रियों का टिकट सस्ता हो जाएगा।

क्यों खत्म किया जा रहा ट्रेनों का सुपरफास्ट दर्जा?

भारतीय रेलवे बोर्ड के नियमों के मुताबिक, किसी ट्रेन को सुपरफास्ट श्रेणी में रखने के लिए उसकी औसत रफ्तार कम से कम 55 किलोमीटर प्रति घंटा होनी जरूरी है। औसत रफ्तार की गणना ट्रेन की कुल दूरी और यात्रा में लगने वाले समय के आधार पर की जाती है। इसमें ट्रेन की दोनों दिशाओं में चलने की औसत गति को ध्यान में रखा जाता है।

रेलवे की समीक्षा में इन 18 ट्रेनों की औसत रफ्तार निर्धारित मानक से कम पाई गई है। इसी वजह से इन्हें सुपरफास्ट श्रेणी से हटाकर सामान्य एक्सप्रेस में शामिल करने का निर्णय लिया गया है।

स्लीपर से फर्स्ट एसी तक यात्रियों को होगी बचत

सुपरफास्ट दर्जा खत्म होने के बाद यात्रियों को अलग-अलग श्रेणियों में 30 से 75 रुपये तक की राहत मिल सकती है। स्लीपर क्लास में 30 रुपये, जबकि थर्ड एसी, थर्ड एसी इकोनॉमी, सेकंड एसी और एसी चेयरकार में 45 रुपये की बचत होगी। वहीं, फर्स्ट एसी और एग्जीक्यूटिव क्लास के यात्रियों को 75 रुपये तक कम किराया देना होगा।

हर साल ट्रेनों की समीक्षा करता है रेलवे

रेलवे समय-समय पर ट्रेनों की औसत रफ्तार, समयबद्धता और परिचालन स्थिति की समीक्षा करता है। रूट पर स्टॉपेज बढ़ने, ट्रैके का दबाव और अन्य परिचालन कारणों से ट्रेनों की गति प्रभावित होती है। निर्धारित मानक पूरा नहीं करने वाली ट्रेनों को सुपरफास्ट श्रेणी से हटाकर सामान्य एक्सप्रेस में शामिल किया जा सकता है।

इन ट्रेनों का सुपरफास्ट दर्जा खत्म