

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को सीनेट में बहुमत गंवाना पड़ा
डोनाल्ड ट्रंप ने चुनावी झटके के लिए ईरान युद्ध को जिम्मेदार ठहराया
डेमोक्रेट्स की जीत से ट्रंप प्रशासन के फैसलों पर संसदीय निगरानी बढ़ेगी
USA Midterm Election Result: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले करीब 9 महीनों से ईरान में रिजीम चेंज यानी सत्ता परिवर्तन के लिए युद्ध छेड़ रखा है। इस युद्ध में अब तक लाखों बेगुनाह लोग मारे जा चुके हैं। लेकिन तेहरान में सत्ता परिवर्तन के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। बल्कि ईरान में इस्लामी सत्ता ने अपने पैर मजबूत कर लिए हैं। लेकिन अब ईरान की जंग ने ट्रंप के पर कुतर दिए हैं।
मंगलवार, 3 नवंबर को अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के लिए जनता ने मतदान किया। इस चुनाव में महंगाई, इमिग्रेशन और विदेश नीति के अलावा ईरान के साथ जारी संघर्ष एक अहम मुद्दा था। आज इस चुनाव के नतीजे सामने आने शुरू हो गए हैं, जिसमें ट्रंप की पार्टी को बड़ा झटका लगा है। रिपब्लिकन पार्टी के हाथ से कांग्रेस (संसद) के दोनों सदनों- हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट का नियंत्रण चला गया है।
हालांकि मध्यावधि चुनाव में हार या जीत से ट्रंप की कुर्सी को कोई खतरा नहीं है। लेकिन दोनों सदनों- हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट बहुमत गंवाने के बाद ट्रंप को अगले दो साल किसी भी बड़े फैसले के लिए संसद की मंजूरी का मोहताज बनना पड़ सकता है।
इससे पहले ट्रंप बिना किसी की रोक-टोक फैसला ले सकते थे। लेकिन अब वो ऐसा नहीं कर पाएंगे और संसद उनके किसी भी फैसले पर सवाल खड़ा कर सकती है। इसके अलावा संसद में अब उन्हें राष्ट्रपति पद से हटाने के लिए महाभियोग भी चलाया जा सकता है। माना जा रहा है कि इस हार के बाद ट्रंप के लिए अगले दो साल प्रशासन चलाना काफी मुश्किल हो सकता है।
ट्रंप ने मध्यावधि चुनाव में हार का ठीकरा ईरान पर फोड़ा है। मंगलवार की देर रात उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि रिपब्लिकन पार्टी की हार के लिए बहुत हद तक ईरान युद्ध जिम्मेदार है।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप की विपक्षी पार्टी डेमोक्रेट्स अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में आसानी से कब्जा कर लेंगे। डेमोक्रेट्स को ट्रंप के हालिया फैसलों और रिकॉर्ड स्तर की अलोकप्रियता का फायदा हुआ है। पार्टी ने उन राज्यों में भी जीत हासिल की है जिन्हें रिपब्लिकन पार्टी का गढ़ माना जाता था। इस ऐतिहासिक जीत के बाद डेमोक्रेट्स के अगले दो साल तक ट्रंप प्रशासन पर लगाम लगाकर रख सकते हैं।
रिपब्लिकन को जिन बड़ी सीटों पर हार का सामना करना पड़ा उसमें साउथ कैरोलिना में सीनेट की सीट भी शामिल है, जहां डोनाल्ड ट्रंप ने 2024 में 18 पॉइंट से जीत दर्ज की थी। इसके अलावा टेक्सास में डेमोक्रेट ने बड़ी जीत हासिल की है। टेक्सास में 1994 के बाद से कोई भी डेमोक्रेट राज्य स्तर पर नहीं जीता था। वहीं कंसास जहां 1932 के बाद से कोई डेमोक्रेट सीनेट चुनाव नहीं जीता था वहां बड़ा उलटफेर हो गया है।