US Iran Deal Historic 14-Point Agreement Signed: दुनिया भर की निगाहें अमेरिका और ईरान के बीच हुए इस बड़े समझौते पर टिकी हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने एक 14-सूत्रीय समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस बड़े कदम से दोनों देशों के बीच लंबे समय से जारी सैन्य तनाव अब पूरी तरह से खत्म हो गया है।
इस ऐतिहासिक समझौते का सबसे बड़ा असर वैश्विक व्यापार पर पड़ेगा क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत फिर से खोल दिया गया है। ट्रंप ने इस महत्वपूर्ण दस्तावेज पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ पेरिस में मुलाकात के दौरान हस्ताक्षर किए। यह बड़ा शांति समझौता अब तुरंत प्रभाव से पूरी तरह लागू कर दिया गया है।
अमेरिका ने इस 'अमेरिका-ईरान इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन' का आधिकारिक मसौदा पूरी तरह से जारी कर दिया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दावा किया है कि उन्होंने इस ऐतिहासिक समझौते में एक मुख्य मध्यस्थ के तौर पर काम किया है। उनके अनुसार यह क्षेत्रीय शांति और कूटनीतिक समाधान की दिशा में एक बहुत बड़ा और सकारात्मक कदम है।
इस समझौते के तहत ईरान को तुरंत होर्मुज जलमार्ग खोलने की अनुमति मिलती है। इसके बदले में अमेरिका ईरान पर लगे कई सख्त आर्थिक प्रतिबंधों को धीरे-धीरे खत्म करने के लिए सहमत हो गया है। ईरान की जब्त की गई सभी संपत्तियों को भी चरणबद्ध तरीके से जारी किया जाएगा जिससे उसे भारी आर्थिक राहत मिलेगी।
अमेरिका ने ईरान के लिए 300 अरब डॉलर के एक बहुत बड़े आर्थिक और पुनर्निर्माण कार्यक्रम का पूरा समर्थन किया है। इसके साथ ही ईरानी तेल निर्यात के लिए आवश्यक अमेरिकी वित्तीय अनुमति भी दी जाएगी। इससे ईरान की अर्थव्यवस्था को बहुत बड़ा फायदा होगा और देश के विकास को एक नई तेज गति मिलेगी।
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ईरान ने एक बार फिर से पक्का वादा किया है कि वह कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। दोनों देशों के बीच ईरान के परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों को लेकर अगले 60 दिनों तक विशेष बातचीत शुरू होगी। इस अवधि में अंतिम समझौते पर पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे आपसी सहमति से बढ़ाया जा सकता है।
इस समझौते का एक मुख्य उद्देश्य लेबनान सहित पूरे क्षेत्र में जारी सैन्य संघर्ष और लड़ाई को तुरंत रोकना है। ईरान ने सभी वाणिज्यिक जहाजों को सुरक्षित मार्ग देने का स्पष्ट वादा किया है और शुरुआती 60 दिनों तक शुल्क नहीं लगेगा। अमेरिका भी अपनी नौसैनिक नाकेबंदी को तुरंत प्रभाव से हटाना शुरू कर देगा।