US Leaked Document India: अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति (NSS) के एक कथित लीक दस्तावेज ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। ब्रिटिश अखबार द टेलीग्राफ ने दावा किया है कि इस लीक ड्राफ्ट में ट्रंप प्रशासन की एक चौंकाने वाली योजना सामने आई है, यूरोपीय संघ (EU) को कमजोर करना और एशिया केंद्रित एक नया शक्ति गठबंधन बनाना। इस दस्तावेज के अनुसार, भारत को इस प्रस्तावित "Core-5" गठबंधन में एक अहम शक्ति के रूप में शामिल करने का लक्ष्य है, जो वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह से बदल सकता है।
टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, इस कथित ड्राफ्ट दस्तावेज में ट्रंप प्रशासन के तीन बड़े और विवादास्पद लक्ष्य बताए गए हैं-
इस लीक दस्तावेज पर बड़ा विवाद खड़ा होने के बाद, व्हाइट हाउस की ओर से तुरंत प्रतिक्रिया आई। अमेरिकी प्रशासन ने इस कथित लीक को सिरे से खारिज कर दिया और इसे पूरी तरह से 'फेक न्यूज' करार दिया। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया कि आधिकारिक 29-पेज का नेशनल सिक्योरिटी स्ट्रेटेजी (NSS) ही असली दस्तावेज है और लीक ड्राफ्ट मनगढ़ंत है तथा किसी भी नीति बदलाव का संकेत नहीं देता। हालांकि, जानकारों का मानना है कि इस ड्राफ्ट की बातें राष्ट्रपति ट्रंप के पुराने बयानों और राष्ट्रवादी नेताओं के प्रति उनके झुकाव से मेल खाती हैं, जिसने संदेह को बढ़ाया है।
इस लीक से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। यूरोप को कमजोर करने की कवायद से नाटो (NATO) और पश्चिमी गठबंधन की एकता पर बड़ा संकट आ सकता है। वहीं, अमेरिका, चीन और रूस जैसी प्रतिद्वंद्वी शक्तियों को एक ही फ्रेम में लाने का विचार अपने आप में बेहद नाटकीय है और इसकी संभावना लगभग असंभव मानी जाती है।
इस पूरे घटनाक्रम में भारत और जापान की भूमिका बेहद अहम है। ये दोनों देश इंडो-पैसिफिक में अमेरिका के महत्वपूर्ण साझेदार हैं और इन्हें Core-5 संरचना में शामिल करने का विचार QUAD और अमेरिका की इंडो-पैसिफिक रणनीति दोनों पर गहरा प्रभाव डालेगा। भले ही यह फेक न्यूज हो, लेकिन इस लीक ने यह बहस छेड़ दी है कि क्या दुनिया अब बहुध्रुवीय व्यवस्था से निकलकर एक पॉवर क्लब आधारित संरचना की ओर बढ़ रही है।