रूस हमले के हमलों से सहमा यूरोप...NATO चीफ को याद आए दादा-दादी, बताया कौन होगा पुतिन का अगला निशाना

Russia-Ukraine War: रूस-यूक्रेन युद्ध ने यूरोप की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है। नाटो प्रमुख मार्क रुटे ने चेतावनी दी कि रूस का अगला निशाना यूरोपीय देश हो सकते हैं।
रूस हमले के हमलों से सहमा यूरोप...NATO चीफ को याद आए दादा-दादी, बताया कौन होगा पुतिन का अगला निशाना
नाटो प्रमुख मार्क रुटे (सोर्स- सोशल मीडिया)
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NATO Chief on Russia-Ukraine War: रूस-यूक्रेन युद्ध ने यूरोप की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है। नाटो की सुरक्षा छतरी के नीचे रहने वाले यूरोपीय देश अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आने से डरे हुए हैं। ट्रंप ने यूक्रेन पर बातचीत में ऐसा रुख अपनाया जो यूरोपीय देशों को पसंद नहीं आया। इसी बीच नाटो के नए प्रमुख मार्क रुटे ने चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यूरोप में नया संघर्ष हो सकता है।

मार्क रुटे ने नाटो से अमेरिका के बाहर होने के संकेतों को देखते हुए सभी देशों को अपनी सुरक्षा मजबूत कर लेने की सलाह दी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जर्मनी की राजधानी बर्लिन में एक कार्यक्रम में रुटे ने कहा, युद्ध हमारे दरवाजे पर आ खड़ा हुआ है। रूस ने इसे फिर से यूरोप में ला दिया।

रूस का अगला निशाना नाटों देश

नाटो प्रमुख मार्क रुटे ने चेतावनी दी है कि, रूस का अगला निशाना नाटो के यूरोपीय सदस्य देश हो सकते हैं। उन्होंने कहा, यह वैसा ही युद्ध होगा जैसा हमारे दादा-दादी ने दूसरे विश्व युद्ध में और परदादा-परदादी ने पहले विश्व युद्ध में देखा। इसके साथ ही रुटे ने यूरोपीय देशों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ये देश खतरे को गंभीरता से नहीं ले रहे।

उन्होंने कहा, कई सहयोगी रूस के खतरे को हल्के में ले रहे हैं। लोग आत्मसंतुष्ट हो गए हैं। वे इस खतरे की फौरन जरूरत नहीं समझ रहे। लेकिन युद्ध पास आ रहा है, जाग जाओ। नाटो प्रमुख ने साफ कहा कि यूरोप को रक्षा खर्च बढ़ाना होगा। अब तक अमेरिका की सेना पर भरोसा करने वाले यूरोपीय देश ट्रंप के धक्के से हिल गए। ट्रंप ने कहा था कि खुद खर्च बढ़ाओ। रुटे ने विनम्रता से समझाया, अपने रक्षा सामान बनाने पर खर्च करो। इससे बड़े युद्ध से बच जाओगे। उन्होंने जोर दिया, लोग सोचते हैं समय हमारे पक्ष में है, लेकिन ऐसा नहीं। अभी कार्रवाई करो।

रूस को खतरा मानता है यूरोप

यूरोप रूस को अपने लिए एक बड़ा खतरा मानता है। फिलहाल यूक्रेन यूरोप और रूस के बीच एक तरह की दीवार की भूमिका निभा रहा है। लेकिन अगर यूक्रेन का किला गिर गया, तो रूस सीधे यूरोप तक पहुँच सकता है। इसी वजह से यूरोप ने रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से यूक्रेनी सेना को हथियार और वित्तीय मदद प्रदान की है।