14 दिसंबर को होगा यूपी बीजेपी के नए अध्यक्ष के नाम का ऐलान, चुनाव की तारीख आई सामने

UP BJP New President: BJP ने यूपी में प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के लिए महत्वपूर्ण तारीखों का पत्र जारी किया गया है, जिसमें चुनाव प्रक्रिया की समय-सीमा और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गई हैं।
UP BJP President Election
14 दिसंबर को होगा यूपी बीजेपी के नए अध्यक्ष के नाम का ऐलान, चुनाव की ताकीख आई सामने
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UP BJP President Election: उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के चुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। लखनऊ से महत्वपूर्ण तारीखों का पत्र जारी किया गया है, जिसमें चुनाव प्रक्रिया की समय-सीमा और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गई हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह है और चुनाव की तैयारी शुरू हो गई है। लंबे वक्त से यूपी के बीजेपी कार्यकर्ताओं को जिस पल का इंतजार था, वो घड़ी आ गई है। इंतजार यूपी के नए बीजेपी अध्यक्ष का, जिसके चुनाव की तारीख अब बिल्कुल सामने खड़ी है।

13 दिसंबर को लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में, दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच अध्यक्ष पद के लिए नामांकन होगा और अगले दिन 14 दिसंबर को यूपी बीजेपी को अपना नया सेनापति मिल जाएगा। मौजूदा अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी का कार्यकाल पहले ही समाप्त हो चुका है।

जातिगत समीकरण पर आधारित होगा चयन

बताया जा रहा है कि यूपी के जातिगत समीकरण और भाजपा के वोटबैंक को ध्यान में रखते हुए नए अध्यक्ष के नाम को अंतिम रूप दिया जाएगा। साथ ही, सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ उनके तालमेल को भी देखा जाएगा। वर्तमान में भाजपा के यूपी अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी हैं, और उनके उत्तराधिकारी के लिए राज्य इकाई ने छह नेताओं के नाम हाईकमान को भेजे हैं। इनमें दो ब्राह्मण, दो ओबीसी और दो दलित नेता शामिल हैं। पार्टी नेतृत्व जल्द ही संतुलन साधते हुए किसी एक नाम पर मुहर लगाएगा।

इन तीन नामों पर हो रही जोरदार चर्चा!

राज्य में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए तीन नामों पर जोर-शोर से चर्चा हो रही है। इनमें ब्राह्मण कैंडिडेट के तौर पर हरीश द्विवेदी रेस में सबसे आगे हैं। दो बार सांसद रहे द्विवेदी 2024 का लोकसभा चुनाव हार गए थे और अभी असम में पार्टी के इंचार्ज हैं। वह पहले नेशनल सेक्रेटरी के तौर पर काम कर चुके हैं। उन्होंने लंबे समय तक संगठन में काम किया है।

जब ओबीसी उम्मीदवारों की बात आती है, तो बीएल वर्मा का नाम सबसे पहले आता है। बीएल वर्मा लोध समुदाय से आते हैं और गैर-यादव ओबीसी वोट बैंक पर असर डालने के लिए एक अच्छे उम्मीदवार साबित हो सकते हैं। बीएल वर्मा केंद्रीय नेतृत्व के भी करीबी हैं। एक और ओबीसी उम्मीदवार धर्मपाल सिंह हैं, जो योगी सरकार में मंत्री रह चुके हैं। वह भी लोध समुदाय से आते हैं और गैर-यादव ओबीसी वोट बैंक पर उनका असर है।

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