पाकिस्तान में आतंकवाद पर अमेरिकी कांग्रेस की रिपोर्ट (सोर्स- सोशल मीडिया) 
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पाकिस्तान का असली चेहरा बेनकाब! खुले घूम रहे हैं 26/11 के गुनाहगार, रिपोर्ट से मचा हड़कंप

Pakisitan News: अमेरिकी कांग्रेस की ताजा रिपोर्ट (CRS) ने पाकिस्तान को आतंकियों का सुरक्षित ठिकाना बताया है। रिपोर्ट में लश्कर और जैश जैसे 15 संगठनों का जिक्र है, जो भारत के लिए बड़ा खतरा हैं।

अक्षय साहू

US Congress Report on Pakistan Terrorism: अमेरिकी कांग्रेस की रिसर्च सर्विस (CRS) की हालिया रिपोर्ट ने पाकिस्तान से काम करने वाले आतंकवादी संगठनों, विशेषकर भारत और जम्मू-कश्मीर पर सक्रिय समूहों को लेकर भारत की पुरानी चिंताओं को फिर से सामने लाया है। रिपोर्ट में सीधे तौर पर आतंक का गढ़ बताया गया है जो आतंकियों को पालता है और सीमापार आतंकी घटनाओं को अंजाम देने में मदद करता है।

रिपोर्ट में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हरकत-उल-जिहाद इस्लामी, हरकत-उल-मुजाहिदीन और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे गुटों का जिक्र किया गया है, जो पाकिस्तान के क्षेत्र से सक्रिय हैं और सुरक्षा के लिए लगातार चुनौतियां पैदा कर रहे हैं। हालांकि इसमें पाकिस्तान सरकार और सेना के संबंधों के बारे में कुछ भी नहीं कहा गया है।

पाकिस्तान आतंकियों के लिए सुरक्षित ठिकाना

रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान कई हथियारबंद गैर-सरकारी समूहों के लिए केंद्र और सुरक्षित ठिकाना दोनों बना हुआ है। इनमें से कई गुट 1980 के दशक से सक्रिय हैं। अमेरिकी और संयुक्त राष्ट्र द्वारा आतंकवादी संगठन घोषित इन समूहों को विभिन्न फौजी और नीतिगत उपायों के बावजूद पूरी तरह समाप्त नहीं किया जा सका है।

विदेशी आतंकवादी संगठनों की सूची

रिपोर्ट को दक्षिण एशिया विशेषज्ञ के. एलन क्रोनस्टैड ने तैयार किया है और इसका मकसद अमेरिकी सांसदों को क्षेत्रीय सुरक्षा खतरों की जानकारी देना है। इसमें समूहों को पांच श्रेणियों में बांटा गया है:

  • वैश्विक स्तर पर सक्रिय: अल-कायदा, भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा (AQIS), इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (ISKP)
  • अफगानिस्तान केंद्रित: तालिबान, हक्कानी नेटवर्क
  • भारत और कश्मीर केंद्रित: लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिदीन आदि
  • घरेलू स्तर पर सक्रिय: तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान, बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी, जैश अल-अदल
  • सांप्रदायिक: सिपाही-ए-सहाबा पाकिस्तान, लश्कर-ए-झंगवी

15 में से 12 आतंकी संगठन

रिपोर्ट में बताया गया है कि सूची में शामिल 15 समूहों में से 12 को अमेरिकी कानून के तहत ‘विदेशी आतंकवादी संगठन’ घोषित किया गया है। ज्यादातर समूह इस्लामी कट्टरपंथी विचारधाराओं से प्रेरित हैं।

सैन्य अभियानों के बावजूद चुनौती बरकरार

रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की 2014 की ‘राष्ट्रीय कार्य योजना’ का उद्देश्य देश में किसी भी सशस्त्र मिलिशिया की सक्रियता को रोकना था। इसके बावजूद, बड़े पैमाने पर किए गए सैन्य अभियान, हवाई हमले और खुफिया ऑपरेशन इन समूहों को पूरी तरह समाप्त करने में सफल नहीं रहे हैं।

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