अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

'जल्दी सीरियस हो जाओ वरना...', ईरान की हेकड़ी पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप, तेहरान को दी आखिरी चेतावनी

Trump Iran Ceasefire Warning: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 'गंभीर' होने की चेतावनी देते हुए कहा है कि युद्धविराम प्रस्ताव ठुकराना भारी पड़ेगा।

अमन उपाध्याय

US Iran War Latest News In Hindi: मिडिल ईस्ट में युद्ध की लपटें अब बेकाबू होती दिख रही हैं। अमेरिका द्वारा पेश किए गए 15 सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव को ईरान द्वारा सिरे से खारिज किए जाने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का गुस्सा फूट पड़ा है। ट्रंप ने ईरान को दो-टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि वह जल्द ही 'सीरियस' हो जाए वरना भविष्य में उसके पास पीछे हटने का कोई रास्ता नहीं बचेगा।

भीख मांग रहा है ईरान

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर ईरानी वार्ताकारों पर तंज कसते हुए उन्हें 'अजीब' करार दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरानी अधिकारी पर्दे के पीछे से समझौते के लिए 'भीख' मांग रहे हैं क्योंकि वे सैन्य रूप से पूरी तरह टूट चुके हैं। ट्रंप के अनुसार, दुनिया के सामने ईरान केवल दिखावा कर रहा है कि वह प्रस्ताव पर विचार कर रहा है जबकि हकीकत में उसकी स्थिति बेहद कमजोर है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते ईरान गंभीर नहीं हुआ तो परिणाम 'बिल्कुल भी अच्छे' नहीं होंगे।

क्या था अमेरिका का 15 सूत्रीय प्रस्ताव?

पाकिस्तान और मिस्र के माध्यम से ईरान तक पहुंचाए गए इस गुप्त प्रस्ताव में क्षेत्र में शांति बहाली के लिए कई कड़े प्रावधान शामिल थे। इसमें मुख्य रूप से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को वापस लेने मिसाइलों की सीमा तय करने और सशस्त्र समूहों को ईरानी समर्थन बंद करने की शर्तें शामिल थीं। इसके बदले में अमेरिका ने ईरान पर लगे कड़े आर्थिक प्रतिबंधों में राहत देने का वादा किया था। इस प्रस्ताव का एक सबसे अहम हिस्सा Strait of Hormuz को फिर से खोलना था जहां से दुनिया का 20 प्रतिशत तेल निर्यात होता है।

ईरान का पलटवार और कुवैत पर हमला

ईरान ने न केवल इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया बल्कि अपनी शर्तों पर युद्ध समाप्त करने की बात कही है। ईरान के सरकारी मीडिया 'प्रेस टीवी' ने एक अज्ञात अधिकारी के हवाले से स्पष्ट किया कि तेहरान अपने 'जोरदार हमले' तब तक जारी रखेगा जब तक उसकी शर्तें पूरी नहीं हो जातीं। इसी बीच, ईरान ने कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को निशाना बनाकर भीषण आग लगा दी और इजरायल व खाड़ी देशों पर हमले तेज कर दिए हैं।

रणनीतिक मोर्चे पर अमेरिका की बढ़ती सक्रियता

तनाव को देखते हुए अमेरिका ने भी सैन्य मोर्चे पर घेराबंदी सख्त कर दी है। वाशिंगटन ने इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में मरीन सैनिकों और पैराट्रूपर्स की तैनाती की है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब इजरायल ने तेहरान पर हवाई हमले किए हैं और हाल ही में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ईरान के नेवी चीफ की मौत की खबरें भी सामने आई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कूटनीति विफल रहती है तो ट्रंप का 'सीरियस' होने वाला अल्टीमेटम एक बड़े सैन्य ऑपरेशन का संकेत हो सकता है।

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