INDIA Bloc Meeting: EVM से बैलेट पेपर तक, राहुल के सारे सबूत गए बेकार, अब खरगे ने रखीं चुनाव सुधार की 6 मांगें

INDIA Alliance Meeting: INDIA गठबंधन की बैठक में खरगे ने SIR, EVM और वोटर लिस्ट पर सवाल उठाए। उन्होंने CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने और 6 मांगें रखने की बात कही।
mallikarjun kharge india bloc meeting on sir
मल्लिकार्जुन खरगेसौजन्य-IANS
Published on: 
Updated on: 

Mallikarjun Kharge on SIR: INDIA अलायंस पार्टनर्स के साथ मीटिंग में मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा भारत दुनिया का सबसे बड़ा डेमोक्रेसी है और एक ऐसा देश है जिसकी डेमोक्रेटिक परंपराएं एक आसान लेकिन गहरे सिद्धांत पर बनी हैं। इस देश की सरकार चुनने में हर नागरिक की बराबर आवाज होनी चाहिए। यह भारत की डेमोक्रेटिक पॉलिटी की नींव है।

संविधान सभा के सदस्यों में भारत के संविधान बनाने वालों ने अपनी सामूहिक समझ से हमारी डेमोक्रेसी की 'रिप्रेजेंटेटिवनेस' के महत्व पर जोर दिया। इसलिए, उन्होंने बहुत सही कहा कि डेमोक्रेसी का मतलब तभी है जब हर योग्य नागरिक के वोट की बराबर वैल्यू हो। इसीलिए एक व्यक्ति, एक वोट, एक वैल्यू का सिद्धांत हमारे रिपब्लिक के दिल में है।

खरगे ने बताया कि इस सिद्धांत पर एक गंभीर खतरा मंडरा रहा है। पूरे देश में, नागरिक और राजनीतिक पार्टियां इलेक्शन कमीशन के काम करने के तरीके को लेकर गंभीर चिंताएं जता रही हैं। EVM को लेकर सालों से, हम EVM पर जवाब मांग रहे हैं। हमने वोटर-लिस्ट में हेरफेर और इलेक्टोरल रोल में बिना किसी वजह के बदलावों के बारे में सवाल उठाए हैं।

राहुल गांधी के सबूत बेकार गए

राहुल गांधी ने सबूत के साथ दिखाया कि महादेवपुरा, अलंद, हरियाणा और महाराष्ट्र में ऐसा किया गया था। इसी तरह INDIA ग्रुप की सभी पार्टियों ने इस बारे में सवाल और आपत्तियां उठाईं। लेकिन अफसोस, सब बेकार गया।

हमारी शिकायतों को मानने के बजाय कमीशन ने दूसरी तरफ देखा। डेमोक्रेसी में, संस्थाओं को ट्रांसपेरेंसी के जरिए जनता का भरोसा जीतना चाहिए। हमारे दिए गए काफी डेटा और सबूतों से घिरने के बाद, इलेक्शन कमीशन ने SIR का सहारा लिया।

वोटर लिस्ट से 13.3 करोड़ वोटर्स को हटाया गया

इलेक्शन कमीशन का कहना है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का मकसद इलेक्टोरल रोल को साफ और अपडेट करना है। लेकिन जब इस तरह की एक्सरसाइज से बहुत बड़ी संख्या में वोटर बाहर हो सकते हैं या उन्हें फिर से अपनी एलिजिबिलिटी साबित करने की जरूरत पड़ सकती है, तो यह पक्का करने की जिम्मेदारी सिस्टम पर होनी चाहिए कि कोई भी असली वोटर वोटर लिस्ट से वंचित न रहे।

वोटर्स को लिस्ट से हटाने के मामले में खरगे ने बताया कि यह चौंकाने वाली बात है कि 13.3 करोड़ वोटरों को वोटर लिस्ट से साफ-साफ हटा दिया गया है। डेमोक्रेसी में हिस्सा लेने की उनकी ताकत छीन ली गई है। आम वोटरों को यह तय करना चाहिए कि सत्ता में कौन आएगा, न कि सत्ता में बैठे लोगों को।

वोटर लिस्ट से हटाए गए नाम

मल्लिकार्जुन खरगे ने हमारी बात साफ होनी चाहिए। किसी भी असली भारतीय नागरिक को किसी साफ न दिखने वाले, मनमाने या ठीक से निगरानी न होने वाले तरीके से चुनावी प्रोसेस से बाहर नहीं किया जाना चाहिए। अगर नाम हटाए जाते हैं, तो हमें पता होना चाहिए कि किसे हटाया गया। हमें यह भी पता होना चाहिए कि क्यों।

उन्होंने बताया कि संविधान के आर्टिकल 324 में बताए गए एक इंडिपेंडेंट और निष्पक्ष इलेक्शन कमीशन के बिना कोई भरोसेमंद चुनाव नहीं हो सकता। चीफ इलेक्शन कमिश्नर पूरी तरह से एक्सपोज हो गए हैं। उनके दो साथी सदस्यों ने 10 महीनों में 14 बार लिखा है। यह उनकी ईमानदारी और इरादों पर ही सवाल उठाता है। इसलिए, उन्हें उनके पद से हटा देना चाहिए।

ज्ञानेश कुमार को खुद देना चाहिए इस्तीफा

ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अगर उनमें जरा भी कॉन्स्टिट्यूशनल या नैतिक शर्म बची है, तो वे खुद इस्तीफा दे दें और उन ताकतों के खिलाफ अप्रूवर बन जाएं जो हमारे इलेक्टोरल रोल्स में दखल दे रही हैं।

इतना ही नहीं खरगे ने अपॉइंटमेंट, कंडीशंस ऑफ सर्विस एंड टर्म ऑफ ऑफिस बिल, 2023 पर भी बात की। उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि PM ‘चीफ इलेक्शन कमिश्नर और दूसरे इलेक्शन कमिश्नर (अपॉइंटमेंट, कंडीशंस ऑफ सर्विस एंड टर्म ऑफ ऑफिस) बिल, 2023’ क्यों लाए, ताकि CJI को इलेक्शन कमीशन के सिलेक्शन पैनल से हटाया जा सके और उनकी जगह एक मिनिस्टर को रखा जा सके।

CEC/EC को दी गई इम्यूनिटी

इसके अलावा, उस बिल को जो अब एक एक्ट बन गया है में यह भी कहा गया है कि “दूसरे कानूनों के बावजूद, कोई भी कोर्ट किसी ऐसे व्यक्ति के खिलाफ सिविल या क्रिमिनल केस नहीं चला सकता या जारी नहीं रख सकता जो CEC/EC था या रहा हो, किसी ऑफिशियल ड्यूटी या काम को करते समय किए गए, किए गए या बोले गए किसी काम, बात या शब्द के लिए।”

इस तरह CEC/EC को जिंदगी भर के लिए पूरी तरह से इम्यूनिटी दी गई थी। क्योंकि PM मोदी और अमित शाह एक रबर स्टैंप चाहते हैं जो उन्हें पावर में बने रहने में मदद कर सके। असल में वे ही असली गुनहगार हैं। उन्होंने कई पार्टियों को तोड़ा और इलेक्शन कमीशन की भूमिका एक निष्पक्ष आर्बिट्रेटर के बजाय एक फैसिलिटेटर की ज्यादा रही है।

इस मामले में खरगे ने सुप्रीम कोर्ट की एक बात पर जोर दिया कि “सिलेक्शन कमिटी में कैबिनेट मिनिस्टर को शामिल करने से वह इंडिपेंडेंट काउंटरवेट नहीं मिल पाता जो एक न्यूट्रल सिलेक्टर दे सकता है, और कैबिनेट मिनिस्टर सिर्फ अपने लीडर की आवाज दोहराएगा, और नतीजतन, सिलेक्शन कमिटी में विपक्ष के लीडर की मौजूदगी उसके शामिल होने के मकसद को आगे बढ़ाए बिना ज्यादातर दिखावटी हो जाती है।” इसने इस बात पर जोर दिया कि “ECI का इंडिपेंडेंट होना काफी नहीं है। उसे इंडिपेंडेंट दिखना भी चाहिए।”

mallikarjun kharge india bloc meeting on sir
ज्ञानेश कुमार को हटाने की रणनीति तैयार! CWC की बैठक के बाद इंडिया ब्लॉक की मीटिंग; अखिलेश नहीं होंगे शामिल

युवाओं को वोट देने से रोका

युवा वोटर्स के हक को लेकर उन्होंने कहा कि इलेक्शन कमीशन द्वारा पहली बार वोट देने वालों के लिए फॉर्म 6 में एनरोल करने के नियमों को बदलकर, युवाओं को जानबूझकर वोट देने से रोका जा रहा है।

EVMs पर भी हमारा रुख साफ होना चाहिए। ये ऐसी मशीनें हैं जिनका इस्तेमाल BJP अपनी जरूरतों के हिसाब से करती है। राहुल के शब्दों में चुनाव जीतने, त्रिशंकु संसद बनाने या चुनाव हारने के लिए। इसलिए हम उन्हें इन मशीनों का और इस्तेमाल नहीं करने दे सकते। भारत की चुनाव प्रणाली में भरोसा और विश्वास बहाल करने के लिए हमें बैलेट वोट पर वापस लौटना होगा।

जब नागरिकों के बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकार दांव पर हों, तो INDIA गठबंधन की पार्टियों को एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए। इसलिए हमें इस बैठक से एक स्पष्ट कार्य-योजना लेकर निकलना चाहिए।

कांग्रेस की 6 मुख्य मांगे

  • भविष्य के चुनावों के लिए 'प्री-SIR' (pre-SIR) मतदाता सूची का इस्तेमाल हो। मतदाता सूची में हर बदलाव में पूरी पारदर्शिता हो, जिसमें निर्वाचन क्षेत्र और बूथ के हिसाब से नाम जोड़ने, हटाने और सुधारने की जानकारी शामिल हो।

  • किसी भी वैध मतदाता का नाम सूची से हटाने से पहले उचित सूचना, कारण और अपील करने का असरदार तरीका हो।

  • प्रशासनिक खामियों, अधूरे दस्तावेजों या जानकारी की कमी के कारण योग्य मतदाताओं के नाम सूची से हटने से बचाना।

  • EVMs के बजाय बैलेट (मतपत्रों) से वोटिंग।

  • हमारे युवा नागरिकों, खासकर पहली बार वोट देने वालों के लिए आसान और सुलभ मतदाता पंजीकरण।

  • संस्थागत जवाबदेही और ऐसा चुनाव आयोग जिस पर सभी राजनीतिक दलों का भरोसा हो।

mallikarjun kharge india bloc meeting on sir
INDIA गठबंधन की बैठक से पहले पोस्टर वॉर, दिल्ली में विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने वाला होर्डिंग लगा

मल्लिकार्जुन खरगे ने किया आह्वान

मल्लिकार्जुन खरगे ने सभी से संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि हम पारदर्शिता की जगह गोपनीयता को नहीं आने देंगे। और हम अपने गणतंत्र के बुनियादी सिद्धांत 'एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य' को कमजोर नहीं होने देंगे। बैलेट जनता का है। जनादेश जनता का है। इसलिए सरकार की ताकत आखिरकार जनता के हाथों में ही होती है। आज हमारा काम यह सुनिश्चित करना है कि भारत की जनता हमारे लोकतंत्र में अंतिम और निर्विवाद सत्ता बनी रहे।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com